सुरक्षित बचपन अभियान: सक्ती जिले के तीन सरकारी स्कूलों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्र हुए जागरूक

द्वितीय जिला न्यायाधीश श्रीमती लीना अग्रवाल, प्रथम जिला न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे और न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमारी अंकिता देवदास के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
विद्यार्थियों को दी गई पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और ‘गुड टच-बैड टच’ की विस्तृत जानकारी

सक्ती – तालुका विधिक सेवा समिति, सक्ती के तत्वावधान में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत जिले के तीन शासकीय विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविरों का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर सजग और जागरूक बनाना था।
न्यायिक अधिकारियों ने संभाली कमान
अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा सीधे बच्चों से संवाद किया गया:
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरा: यहाँ श्रीमती लीना अग्रवाल (द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति, सक्ती) द्वारा शिविर का नेतृत्व किया गया।
शासकीय हाई स्कूल सकरेली: इस विद्यालय में प्रशांत कुमार शिवहरे (प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सक्ती) द्वारा विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
शासकीय हाई स्कूल परसदाखुर्द: यहाँ कुमारी अंकिता देवदास (न्यायिक मजिस्ट्रेट, सक्ती) की उपस्थिति में विधिक जागरूकता शिविर संपन्न हुआ।
पॉक्सो एक्ट और ‘गुड टच-बैड टच’ पर विस्तार से चर्चा
शिविर के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया। बच्चों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), बाल शोषण एवं बाल उत्पीड़न से बचाव के कानूनी उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही बच्चों को व्यावहारिक रूप से ‘गुड टच-बैड टच’ के अंतर को विस्तारपूर्वक समझाया गया।
‘डरें नहीं, अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं’
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि घर से विद्यालय आने-जाने के दौरान हमेशा सतर्क रहें और अनजान व्यक्तियों से सावधान रहें। यदि कोई भी व्यक्ति अनुचित व्यवहार या अनावश्यक स्पर्श (बैड टच) करने की कोशिश करता है, तो बिना किसी भय या संकोच के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
विद्यार्थियों को यह विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि समय रहते आवाज उठानी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस विधिक साक्षरता अभियान को सफल बनाने में स्कूलों के स्टाफ और विधिक स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रमों में मुख्य रूप से प्राचार्य सुरेश जयसवाल सहित पैरालीगल वॉलिंटियर मनीष साहू, प्रहलाद बंजारे, संतोष कश्यप और भुनेश्वर साहू उपस्थित रहे। शिविर के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों को समझने का संकल्प दिलाया गया।
