इस दीपावली मुक्तिधाम में भी जगमगाएंगे श्रद्धा के दीप: सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार की अनोखी पहल, नगरवासियों से सहयोग की अपील


सक्ती – दीपावली के पावन पर्व पर जहाँ पूरा नगर और देश दीयों की रोशनी से जगमगाता है, वहीं अक्सर हमारे पूर्वजों (पितरों) का अंतिम विश्राम स्थल यानी ‘मुक्तिधाम’ (श्मशान घाट) अंधेरे में डूबा रहता है। इसी परंपरा को बदलते हुए और समाज को एक नई दिशा देने के लिए श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार पिछले कई वर्षों से एक सराहनीय पहल कर रहा है। संस्था के सभी सदस्य हर वर्ष दीपावली की रात मुक्तिधाम जाकर अपने पितरों की स्मृति में दीप प्रज्वलित करते आ रहे हैं।
इस वर्ष भी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी 8 नवंबर (रविवार) को रात 10:00 बजे मंदिर परिवार के सभी महिला एवं पुरुष सदस्य मुक्तिधाम एकत्रित होंगे। इस दौरान सभी सदस्य अपने-अपने पितरों के नाम से एक-एक दीपक प्रज्वलित करेंगे और वहां आतिशबाजी कर इस स्थान को भी पर्व के उल्लास से सराबोर करेंगे।
पूरे देश और नगरवासियों से भावुक अपील:
श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार ने इस पुनीत कार्य में पूरे नगरवासियों से सहयोग और सहभागिता की अपील की है। साथ ही, उन्होंने आम जनता से यह निवेदन भी किया है कि आप चाहे जिस भी गाँव या शहर में रहते हों, दीपावली के इस पावन अवसर पर अपने स्थानीय मुक्तिधाम (मरघट) में जाकर अपने पितरों के नाम का एक दीपक अवश्य जलाएं।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि जिन्होंने हमें यह जीवन दिया और जिनके आशीर्वाद से आज हम खुशहाल हैं, उन पितरों को इस रोशनी के पर्व पर विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। मुक्तिधाम में दीप जलाने से न सिर्फ वहां का अंधेरा दूर होगा, बल्कि यह हमारे पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता होगी।
