सक्ती

जिला सक्ती में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा बनी राधेश्याम पटेल का सहारा

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम से दूरस्थ उपचार की मजबूरी हुई खत्म, नियमित उपचार से स्वास्थ्य में आया सुधार

सक्ती-  सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ से आमजन की सेवा की कहानिया सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सक्ती में उपलब्ध निःशुल्क डायलिसिस सुविधा किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम टेमर निवासी 56 वर्षीय श्री राधेश्याम पटेल, पिता  ओमचंद पटेल को भी इस शासकीय सुविधा का लाभ मिल रहा है। जिला सक्ती में डायलिसिस यूनिट की स्थापना 01 अक्टूबर 2025 से एम.सी.एच. अस्पताल सक्ती में की गई है। इसके बाद से अब तक 32 मरीजों को 864 बार नियमित डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे मरीजों को जीवनरक्षक उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हुई है।
       राधेश्याम पटेल को लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। उन्होंने सोनोग्राफी सहित आवश्यक जांच कराई, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उनकी स्थिति को देखते हुए नियमित डायलिसिस की आवश्यकता बताई गई। डायलिसिस की जरूरत के बारे में जानकारी मिलने पर  पटेल शुरुआत में चिंतित हो गए थे और डायलिसिस कराने को लेकर तैयार नहीं थे। चिकित्सकों ने उन्हें डायलिसिस की आवश्यकता, उपचार की प्रक्रिया और नियमित उपचार के महत्व के बारे में समझाया। चिकित्सकीय सलाह को समझने के बाद उन्होंने दिसंबर 2025 में पहली बार डायलिसिस कराया। जिला सक्ती में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध होने से  पटेल के लिए नियमित उपचार जारी रखना आसान हुआ। मार्च 2026 से वे जिला सक्ती में लगातार नियमित रूप से डायलिसिस की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है। इससे उन्हें उपचार के लिए बार-बार जांजगीर, रायगढ़ या अन्य दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। आने-जाने में लगने वाले समय और खर्च की भी बचत हो रही है। नियमित डायलिसिस के साथ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक दवाइयों, इंजेक्शन और जांचों का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है। उपचार के बाद  पटेल के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और वे नियमित रूप से अपनी डायलिसिस प्रक्रिया जारी रख रहे हैं।  राधेश्याम पटेल बताते हैं कि बीमारी के शुरुआती दौर में वे डायलिसिस को लेकर काफी चिंतित थे, लेकिन चिकित्सकों की समझाइश और नियमित उपचार से उन्हें राहत मिली है। जिला सक्ती में ही निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिलने से उनके परिवार को भी बड़ी राहत मिली है, क्योंकि लंबे समय तक नियमित उपचार के लिए अब दूर के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ती।  पटेल ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य विभाग तथा डायलिसिस केंद्र के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शासकीय स्वास्थ्य योजना के माध्यम से उन्हें कठिन समय में नियमित उपचार की सुविधा मिल रही है।