सक्ती

दिल्ली के जंतर मंतर की तरह छत्तीसगढ़ में भी निर्णायक आंदोलन करेंगे 2739 कंप्यूटर ऑपरेटर

सीएम तक पहुंचाई अपनी मांग -कहां 12 महीने का रोजगार करें बहाल, अन्यथा होगा विरोध प्रदर्शन

सक्ती –  छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में वर्षों से सेवाएं दे रहे 2739 कंप्यूटर ऑपरेटरों के रोजगार, वेतन एवं भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश संगठन ने सरकार के समक्ष अपनी चार सूत्रीय मांगें मजबूती से रखी हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि 12 माह का रोजगार एवं वेतन बहाल करने सहित मांगों पर ठोस निर्णय चाहिए।
मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक से प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
इसी क्रम में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक से मुलाकात कर प्रदेश के 2739 कंप्यूटर ऑपरेटरों की पीड़ा, रोजगार संकट और भविष्य से जुड़ी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय मांगों का पत्र सौंपते हुए ऑपरेटरों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखने का आग्रह किया। इस पर तुलसी कौशिक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ऑपरेटरों की मांगों एवं उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। संगठन ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे।
मांग पूरी नहीं हुई तो रायपुर में होगा बड़ा आंदोलन
प्रदेश संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार निर्धारित समय में 12 माह का रोजगार एवं वेतन बहाल करने सहित चार सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो राजधानी रायपुर में जंतर-मंतर की तर्ज पर विशाल, प्रभावकारी एवं निर्णायक लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे ने कहा है की हमने सरकार के सामने अपनी पीड़ा और मांगें रख दी हैं। अब हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ऑपरेटरों के हित में सकारात्मक निर्णय लेंगे। लेकिन यदि मांगों की अनदेखी हुई तो राजधानी रायपुर में प्रदेश के 2739 ऑपरेटरों की एकजुट आवाज बुलंद होगी।प्रदेश उपाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने कहा कि “ऑपरेटरों को छह माह नहीं, पूरे 12 माह रोजगार चाहिए। वर्षों से सेवा देने वाले कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।” प्रदेश सचिव मोहन डहरिया ने कहा कि “हम संवाद और समाधान के पक्षधर हैं। सरकार से हमारी अपील है कि आंदोलन की स्थिति बनने से पहले मांगों का सम्मानजनक समाधान किया जाए। प्रदेश सह सचिव एवं सक्ती जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम बरेठ ने कहा मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक से मुलाकात कर हमने 2739 ऑपरेटरों की वास्तविक पीड़ा और समस्याओं से उन्हें अवगत कराया है। कौशिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष हमारी बात रखने का आश्वासन दिया है। अब हमारी नजर सरकार के निर्णय पर है। यदि सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो राजधानी रायपुर में प्रभावकारी एवं निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।
कंप्यूटर ऑपरेटरो की क्या है:चार सूत्रीय प्रमुख मांगें
01- 12 माह का रोजगार एवं वेतन तत्काल बहाल किया जाए।
02- प्रत्येक माह का वेतन समय पर सीधे ऑपरेटरों के बैंक खाते में भुगतान किया जाए।
03- मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों की उपस्थिति में संगठन के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
04- 2739 कंप्यूटर ऑपरेटरों के रोजगार एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन को लेकर संगठन की दो टूक बात
सरकार संवाद के माध्यम से समाधान करे, हम भी समाधान चाहते हैं। लेकिन यदि 2739 ऑपरेटरों की जायज मांगों की अनदेखी हुई, तो राजधानी रायपुर की धरती से लोकतांत्रिक संघर्ष की ऐसी आवाज उठेगी, जिसे शासन को गंभीरता से लेना पड़ेगा। उपरोक्त समस्त जानकारी पुरुषोत्तम बरेठ कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के प्रदेश सह सचिव एवं सक्ती जिला अध्यक्ष ने दी है