सक्ती

दुष्कर्म के आरोपी को 3 वर्ष की सश्रम कारावास एवं जुर्माना

दुष्कर्म के आरोपी को 3 वर्ष की सश्रम कारावास एवं जुर्माना kshititech

सक्ती – अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि अभियोक्त्री अ.सा. थाना डभरा उपस्थित होकर लिखित शिकायत (प्र.पी प्रस्तुत कर इस आशय का रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसकी उम्र 10 साल 20 दिन जन्मतिथि 07.11.2009 है. यह कक्षा दसवीं की पढ़ाई शा. हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ती है। दिनांक 26.11.2025 को उसके पिता प्रेम सिंह के दाह संस्कार में चले गये थे उसकी मां खेत में धान काटने गयी थी यह घर में अकेली थी. करीबन 09:40 बजे वह स्कूल जाने के लिए अपने घर के परछी में तैयार हो रही थी उसी समय उसके गांव वर तीरथ यादव उसके पास आकर उसे अनुसूचित जनजाति की सदस्य होना जानते हुए उसकी ईजत लेने के लिए उसके हांथ बांह को पकड़कर उसे खींचते हुए घर अंदर ले जाकर उसे पलंग पर लेटाकर उसके प्रायवेट पार्ट को छूने लगा उसके द्वारा चिल्लाने पर उसके मुह को दबा दिया, किसी तरह छुड़ाकर चिल्लाई तो उसे छोड़कर जातिगत गोडीन शब्द से अश्लील गाली गलौच देते हुए भाग गया वह डर की वजह से स्कूल चली गयी थी रात्रि में उसके पिता जी मां. आई एवं चाचा के आने पर घटना के बारे में बतायी तथा परिवार की सलाह लेकर मा भाई एव चाचा के साथ रिपोर्ट दर्ज करायी। अभियोक्त्री के उक्त लिखित शिकायत के आधार पर थाना डमरा में आरोपी तीरथ राम यादव के विरुद्ध अपराध क्रमांक 404/2025 अतर्गत धारा 333 74 बी०एन०एस० एवं धारा पाक्सो एक्ट तथा धारा 3 (2) (va) एस सी एस टी एक्ट के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (प्र०पी० पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
अभियोजन का मामला आगे इस प्रकार है कि विवेचना के दौरान अभियोक्त्री का धारा 183बी०एन०एस०एस० का कथन (पपी-11 महिला पुलिस अधिकारी से एवं धारा 103 बी०एन० एस०एस० का कथन (प्र.पी.-न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मालखरौदा के न्यायालय से कराया गया। पुलिस द्वारा घटना स्थल का नजरी नक्शा (प्र.पी तैयार किया गया एवं पटवारी नजरी नक्शा (प्र.पी. प्राप्त किया गया। अभियोक्त्री की उम सुनिश्क्षित करने के लिये अभियोक्त्री के कक्षा 10 वी की अंकसूची की मूल प्रति आर्टिकल ए को जामी पत्रक (प्र.पी अनुसार जप्त किया गया. दर्ज अभिलेख में अभियोक्त्री की उग नाबालिक पाया गया। अभियोक्त्री के अनुसूचित जनजाति होने के संबंध में सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति आर्टिकल ए-३ को जाती पत्रक (प्र.पी. अनुसार जप्त किया गया जिसमें अभियोक्त्री अनुसूचित जनजाति की सदस्य होना पायी गयी। आरोपी द्वारा अपराध करना पाये जाने से आरोपी को दिनांक 27.12.2025 को गिरफ्तारी पत्रक (प्र.पी.-17 अनुसार गिरफ्तार किया गया एवं गिरफ्तारी की सूचना (प्र.पी- आरोपी के परिजन को दी गयी एवं आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गवाहों के कथन उनके बताये अनुसार लेखबद्ध किया गया। प्रकरण में संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र क्रमांक 05/2026 तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 11 अभियोजन साक्षियों का कचन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्षियो के कथन उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सक्ती कु. पुष्पलता मारकण्डे ने अपने निर्णय दिनांक 23.09.2026 को आरोपी तिस्त यादव उर्फ तीरथ पिता सुन्दर लाल यादव निवासी पुरतेली थाना उभरा जिला सक्ती छ.ग. को धारा 331(3) में एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 जुर्माना, 74. में 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 जुर्माना, 75 (2) बीएनएस में 1 वर्ष के सश्रम कारावास 1000 जुर्माना एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधि. 2012 की धारा 8 में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000 जुर्माना एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूषित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (2) (va) में 3 वर्ष को सश्रम कारावास एवं 2000 जुर्माना से दोषसिध्द पाते हुये दंडित किया अभियोजन पक्ष की ओर से मुन्ना पटेल विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) सक्ती ने पैरवी किया।