सक्ती

सक्ती के गुंजन एजुकेशन सेंटर में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कुमुदिनी बाघ द्विवेदी के मार्गदर्शन में हुआ जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार

सक्ती –  राज्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण अनुसंधान परिषद, रायपुर के निर्देशानुसार तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती कुमुदनी बाघ द्विवेदी के मार्गदर्शन में जिला सक्ती में जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार का आयोजन 10 सितंबर 2026 को गुंजन एजुकेशन सेंटर, सक्ती में किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय विज्ञान समन्वयक, सक्ती के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।सेमिनार में जिला सक्ती के चारों विकासखंड—जैजैपुर, मालखरौदा, सक्ती एवं डभरा—के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों के बाल वैज्ञानिकों, प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों ने सहभागिता की।इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार का मुख्य विषय “भारतीय ऊर्जा परिदृश्य : 2047 — संभावनाएं एवं चुनौतियां” निर्धारित किया गया था। प्रतिभागी विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित अपने विचार एवं शोधपरक प्रस्तुतियां PPT के माध्यम से प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक विश्लेषण, नवाचार तथा समस्या-समाधान की क्षमता को प्रोत्साहित किया गया।
जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागी विद्यार्थियों में दिव्या पटेल, सौम्या गबेल, प्रीति पटेल, वाणी प्रिया, कल्पना केवट, कोमल साहू, हंशु पटेल, शिवानी महंत, दामिनी यादव, गीतेश देवांगन, श्रद्धा नायक, जगनारायण बरेठ एवं अनीष वैष्णव शामिल रहे।मूल्यांकन एवं प्रस्तुतियों के आधार पर जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गीतेश कुमार देवांगन — अनुनय कॉन्वेंट स्कूल। द्वितीय स्थान: श्रद्धा नायक — शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, झालरौंधा प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। चयनित प्रतिभागी आगामी जोन स्तर की प्रतियोगिता में जिला सक्ती का प्रतिनिधित्व करेंगे।कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि “आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है।” विद्यार्थियों को ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में प्राचीन एवं आधुनिक उपलब्धियों से परिचित कराना, उनमें क्रियाधारित अध्ययन, अवलोकन, अन्वेषण एवं संश्लेषण की प्रवृत्ति विकसित करना तथा वैज्ञानिक नवाचार को प्रोत्साहित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।
जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी जोन स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जोन स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रस्तुतियां देने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागी आगे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक प्रस्तुतियों एवं मॉडलों का प्रदर्शन करेंगे।गुंजन एजुकेशन सेंटर, सक्ती के संचालक एवं कार्यक्रम के व्यवस्थापक श्री नितिन सोनी ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना विकसित करने के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। गुंजन एजुकेशन सेंटर को जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान सेमिनार की मेजबानी एवं व्यवस्थापन का अवसर मिलना हमारे लिए गौरव का विषय है। गुंजन एजुकेशन सेंटर द्वारा दूर-दराज के विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिकों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का पूर्ण प्रयास किया गया। विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा एवं भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं से संबंधित विषयों पर प्रस्तुत किए गए विचार निश्चित रूप से समाज को नई दिशा प्रदान करने वाले हैं।कार्यक्रम के संचालन एवं विज्ञान समन्वय की जिम्मेदारी विज्ञान समन्वयक, सक्ती ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों, प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया एवं विषय की व्यापकता से अवगत कराया तथा पूरे कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में निर्णायक मंडल एवं शिक्षकगण महेंद्र कुमार चंद्र, श्रीमती चंचला चंद्रा, प्रमोद कुमार जी, श्रीमती सविता तिवारी, श्रीमती हिमाक्षी तिवारी, डी. सी. भारद्वाज, गरिमा राठौर, हेमलता कंवर एवं केसर देवांगन सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।गुंजन एजुकेशन सेंटर के प्राचार्य एवं संरक्षक श्री नितिन सोनी (डायरेक्टर) तथा शिक्षकगण गोविंद दास, तुलेश चंद्रा, पीयूष यादव, छोटेलाल राठौर, पुष्पा यादव, सोनिया सोनवानी, खुशबू खान, सारिका सोनी, देविका पटेल, काजल महंत, ज्योति देवांगन, नीतू यादव, नेहा गुप्ता, कविता देवांगन, भुवनेश्वरी माणिकपुरी, भूमेश यादव, शिवशंकर साहू, पूनम यादव, सौम्या महंत, शांति यादव, जया केवट, सरला यादव, दीपा यादव, अंजलि पटेल एवं अनुसुइया पटेल सहित सेंटर के समस्त स्टाफ ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।