सक्ती में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस

शहर में निकली भव्य रैली, पंडित दीनदयाल स्टेडियम में हुआ मुख्य मंच आयोजन
सक्ती – स्थानीय नगर में विश्व आदिवासी दिवस का पर्व अत्यंत धूमधाम, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और मांदल की थाप के साथ शहर में एक भव्य रैली निकाली, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी। रैली में शामिल लोगों ने अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और एकता का अनूठा संदेश दिया।
शहर में हुआ भव्य स्वागत
रैली के दौरान शहरवासियों और प्रमुख जनप्रतिनिधियों द्वारा इसका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल और विशिष्ट नागरिक मांगेराम अग्रवाल ने रैली का आत्मीय स्वागत करते हुए समाज के सभी लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी और अपनी उपस्थिति से इस उत्सव की शोभा बढ़ाई।
दीनदयाल स्टेडियम में सजा भव्य मंच
रैली के पश्चात शहर के दीनदयाल स्टेडियम में एक विशाल और भव्य मंच का आयोजन किया गया। इस मुख्य समारोह में आदिवासी संस्कृति, कला और धरोहर की अनूठी झलक देखने को मिली।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सर्व आदिवासी समाज, रायपुर (छत्तीसगढ़) की प्रदेश उपाध्यक्ष विद्या सिदार विशेष रूप से शामिल हुईं। उनके साथ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मंच पर गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे,
जिनमें प्रमुख रूप से:
अमृत विकास टोपनो(कलेक्टर) ,प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (पुलिस अधीक्षक) ,पंकज पटेल (एडिशनल एसपी), अनुभागिय अधिकारी पुलिस डॉ भुनेश्वरी पैकरा,
सरवन कुमार सिदार – संरक्षक, सर्व आदिवासी समाज, जिला सक्ती,
सतीश नेताम – जिलाध्यक्ष (युवा प्रभाग), सर्व आदिवासी समाज, जिला सक्ती
आयोजन समिति एवं सक्रिय सदस्य:
राजू सिदार, छोटू नेताम, शिवनाथ सिदार, पिंटू सिदार, देवेंद्र सिदार, पुष्पेंद्र, मथुरा, ओमप्रकाश, भास्कर सिदार, फोटो लाल, गंगू सिदार, महेत्तर सिदार, सागर सिदार, केशव सिदार, गनपत सिदार, बलि सिदार, चक्रधर, कुशवा राम सिदार, महेंद्र सिदार, सत्यप्रकाश, सीताराम, पहार सिंह, सिदार सिंह सिदार, शिव कुमार कंवर, संजय कंवर, अलका कंवर, जगन्नाथ कंवर, नीलमणि जगत, सुखी राम, सुलोचना सिदार, मालती जगत, त्रिभुवन जगत, नारायण सिंह पोर्ते का योगदान रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विचार स्टेडियम में आयोजित इस मंच के माध्यम से प्रबुद्धजनों और अतिथियों ने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा, अधिकारों एवं समाज के उत्थान पर अपने विचार रखे। इस दौरान विभिन्न मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे पूरा स्टेडियम आदिवासी गीतों और नारों से गूंज उठा। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों की सहभागिता ने इस ऐतिहासिक आयोजन को बेहद खास बना दिया।

