17 अगस्त से बिजली कर्मचारी भी करेंगे पुरानी पेंशन सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन

सक्ती – भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के द्वारा अखिल भारतीय मजदूर संघ के मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के मार्गदर्शन में और छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी एवं प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ के कुशल नेतृत्व में विद्युत कंपनी प्रबंधन के बार – बार के …

सक्ती – भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के द्वारा अखिल भारतीय मजदूर संघ के मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के मार्गदर्शन में और छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी एवं प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ के कुशल नेतृत्व में विद्युत कंपनी प्रबंधन के बार – बार के वादाखिलाफी से आक्रोशित होकर महासंघ की बहुप्रतीक्षित मांग विद्युत कंपनी में 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों – कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली, संविदा नियमितीकरण, नई भर्ती, वेज रिवीजन लागू होने तक 20 प्रतिशत अंतरिम राहत, रिस्ट्रक्चरिंग और ठेकाकर्मियों के वेतन भुगतान के संबंध में दिनांक 10जुलाई को एकदिवसीय, डंगनिया रायपुर में विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया गया। विगत वर्ष महासंघ के आंदोलन से भयभीत होकर विद्युत कंपनी प्रबंधन के द्वारा 17अक्टूबर 2025 को लिखित में आश्वासन देते हुए राज्य सरकार से अनुमोदन लेकर अतिशीघ्र पुरानी पेंशन बहाली का आदेश जारी करने आश्वस्त किया गया था। लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी कोई सार्थक परिणाम नहीं मिलने पर महासंघ पुनः आंदोलन करने विवश हुआ। महासंघ के द्वारा प्रथम चरण में 01 से 30 जून 2026 तक हस्ताक्षर आभियान के तहत हस्ताक्षर पत्रक ने अधिकारियों कर्मचारियों के हस्ताक्षर लिया गया। द्वितीय चरण में 10 जुलाई को डंगनिया रायपुर में विद्युत कंपनी मुख्यालय के सामने एकदिवसीय विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन करते हुए विद्युत कंपनी के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज किया गया और विद्युत कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए आगाह किया कि यदि कर्मचारी हितैषी इन सात सूत्रीय मांगों पर 15 अगस्त तक आदेश जारी नहीं करती है तो महासंघ 17 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन करेगा। विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन में अनेक संगठन का भी समर्थन प्राप्त हुआ और 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन में समर्थन देने आश्वस्त किया गया।




