सक्ती

दर्राभाटां  स्वर्गीय रामलाल गबेल के देहावसान हो जाने पर उनके दशकर्म के अवसर पर भगवताचार्य राजेंद्र महाराज पहुंचे

सक्ती – दर्राभाटां  स्वर्गीय रामलाल गबेल के देहावसान हो जाने पर उनके दशकर्म के अवसर पर भगवताचार्य राजेंद्र महाराज पहुंचे जहां उन्होंने अमृत आत्मा के तैल चित्र पर  पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए मृत आत्मा को भगवान अपने श्री हरि चरणों में स्थान प्रदान करे कहते हुए श्रद्धांजलि दी श्रद्धांजलि में गबेल समाज के अनेक पदाधिकारी एवं शोकाकुल परिवार के लोगों को सम्बोधन के साथ सांत्वना देते हुए कहा कि ,संसार के समस्त प्राणी अंततः काल के ही अधीन है
हम सब मृत्युलोक में रहते है,
इसलिए मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य और आखरी परीक्षा है ,इससे कोई बच नहीं सकता पूर्व विधायक चैन सिंह सामले ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा शरीर नाशवान है ,जो पंच तत्व में बिलिन हो जाता है आत्मा तो सत्य ,सनातन और पुरातन है ,जिसका कभी जन्म और मृत्यु नहीं होता , आत्मा -परमात्मा का अंश है श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस विधायक  चैन सिंह सामले ,कुश लाल गबेल द्वारा  संबोधित करते हुए शोकाकुल परिवार को संबोधित करते हुए सांत्वना प्रदान किया गया  सभी आगंतुकों के द्वारा अमृत आत्मा के श्रद्धांजलि में 2 मिनट का मौन रख कर दिवंगत रामलाल की सद्गति की कामना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया स्वर्गीय रामलाल गबेल , क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं बहुत ही कर्मठ व्यक्ति थे उन्होंने समाज की प्रगति के लिए अनेक कार्य किये  वे भागवत प्रवाह के सक्रिय महिला समिति के सदस्य ज्योति एवं किरण के पिता थे।