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राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर मोहन लाल ने डेयरी व्यवसाय को बनाया आय का मजबूत जरिया

राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर मोहन लाल ने डेयरी व्यवसाय को बनाया आय का मजबूत जरिया kshititech

सक्ती – सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानियां सामने आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा संचालित पशु चिकित्सा विभाग अंतर्गत राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना ग्रामीण हितग्राहियों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना से लाभान्वित होकर जैजैपुर निवासी श्री मोहन लाल कुम्हार ने डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। नगर पंचायत जैजैपुर, विकासखंड जैजैपुर निवासी मोहन लाल कुम्हार ने  राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त किया। उन्हें 70 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने स्व-वित्तीय योजना के माध्यम से 1.40 लाख रुपये की लागत से दो उन्नत नस्ल की गायों का क्रय किया। उस समय दोनों गायों से प्रतिदिन लगभग 32 लीटर दूध का उत्पादन होता था, जिसे बाजार में बेचकर उन्हें करीब 18 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही थी।

मेहनत और आधुनिक तकनीक से बढ़ा डेयरी व्यवसाय

            योजना से मिले प्रोत्साहन और स्वयं की मेहनत से श्री मोहन लाल ने डेयरी व्यवसाय को लगातार आगे बढ़ाया। उन्होंने पशुपालन में आधुनिक तकनीकों को अपनाया तथा कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुधन में वृद्धि की। वर्तमान में उनके पास 25 उन्नत नस्ल की गायें तथा 13 बछड़े और बछिया हैं। इनसे प्रतिदिन लगभग 180 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। मोहन लाल द्वारा उत्पादित दूध एवं उससे तैयार पनीर, घी, दही और मिठाइयों जैसे उत्पादों का विक्रय उनके स्वयं के मोहन डेयरी फार्म, जैजैपुर से किया जा रहा है। इससे उन्हें वर्तमान में लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। डेयरी व्यवसाय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है।

विभागीय सहयोग से पशुधन की बेहतर देखभाल

           डेयरी व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने में पशुधन विकास विभाग का सहयोग भी मिल रहा है। पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, कृत्रिम गर्भाधान, उपचार एवं टीकाकरण जैसी सुविधाएं जैजैपुर पशु चिकित्सालय एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं। मोहन लाल कुम्हार की सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। उन्होंने यह साबित किया है कि योजना का लाभ, आधुनिक तकनीक, मेहनत और लगन को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्र में भी डेयरी व्यवसाय को लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित किया जा सकता है। उनका प्रयास न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस योजना के लिए मोहन लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।