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बाराद्वार शहर के अग्रसेन भवन में 13 सितंबर से 20 सितंबर तक धनोदिया मंगल परिवार की होगी पितृ मोक्षार्थ श्रद्धा अंतर्गत श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ

बाराद्वार शहर के अग्रसेन भवन में 13 सितंबर से 20 सितंबर तक धनोदिया मंगल परिवार की होगी पितृ मोक्षार्थ श्रद्धा अंतर्गत श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ kshititech

सक्ती – बाराद्वार नगर की धन्यधरा में आगामी 13 सितंबर से 20 सितंबर तक बस स्टैंड स्थित श्री अग्रसेन भवन में पितृमोक्षार्थ गया श्राध्दान्तर्गत श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य आयोजन बाराद्वार के प्रतिष्ठित धनोदिया मंगल परिवार द्वारा किया जा रहा है। आयोजक परिवार द्वारा श्री श्री 1008 तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य महाराज के अति कृपा पात्र शिष्य राजू दास वैष्णव जी महाराज राचा निकुंज, सकरी बिलासपुर, लोरमी, श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से कथा का रसपान करवाया जाएगा एवं व्यास पीठ पर विराजमान होकर परम पूज्य राजू दास वैष्णव जी महाराज विभिन्न कथा प्रसंगो के माध्यम से भागवत कथा का रसपान कराएंगे उपरोक्त जानकारी देते हुए आयोजित धनोदिया मंगल परिवार के सदस्यों ने बताया की कथा प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से होगी। जिसका यू ट्यूब चैनल @Rajumahraj40 के माध्यम से लाईव प्रसारण भी किया जाएगा

कथा को सफल बनाने में जुटे धनोदिया मंगल परिवार के सदस्य

13 सितंबर से प्रारंभ होने वाली श्रीमद् भागवत कथा को लेकर आयोजक धनोदिया मंगल परिवार के बाराद्वार, चांपा, दर्री-जमनीपाली, कुसमुन्डा, दीपका, कांसाबेल, टनकपुर, धनौंदा, दिल्ली मैं निवासरत सभी परिवारजन जोर-जोर से जुटे हुए है
आकर्षक झांकियों के साथ होंगे कथा के प्रसंग

धनोदिया मंगल परिवार की श्रीमद् भागवत कथा में आकर्षक झांकियां भी होगी।विशेष झांकी प्रदर्शन वृंदावन के कलाकार द्वारा द्वारा किया जाएगा जिसमें विशेष झांकी का अलौकिक दृश्य प्रतिदिन दिखाया जाएगा। एवं
प्रतिदिन मोर नृत्य एवं अलौकिक झांकियां वे प्रस्तुत की जाएगी

शोभा यात्रा के साथ ही होंगे कथा के प्रसंग

सनोदिया मंगल परिवार की श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ होगा जो की 13 सितम्बर 2026, दिन रविवार को प्रातः 09 बजे मारवाड़ी धर्मशाला के पास से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए कथा स्थल अग्रसेन भवन बाराद्वार तक पहुंचेगी एवं 13 सितम्बर 2026, रविवार को श्रीमद् भागवत माहात्म्य से मंगलाचरण तक।14 सितम्बर 2026, सोनवार शुकदेव आगमन से कपिलावतार तक।15 सितम्बर 2026, मंगलवार भरताख्यान से प्रहलाद चरित्र तक।16 सितम्बर 2026, बुधवार रामचरित्र से कृष्ण जन्मोत्सव तक। 17 सितम्बर 2026, गुरुवार बाललीला से गोवर्धन पूजा तक।18 सितम्बर 2026, शुक्रवार माहारास लीला से रुक्मिणी मंगल तक।19 सितम्बर 2026, शनिवार सुदामा चरित्र से परीक्षित उद्धार तक एवं 20 सितम्बर 2026, रविवार को गीता, तुलसीवर्षा, हवन, सहस्त्रधारा, पुर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न होगा


17 सितंबर की रात्रि भजन उत्सव का भी है कार्यक्रम

धनोदिया मंगल परिवार की श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान 17 सितंबर 2026 को रात्रि 8:00 बजे भजन उत्सव कार्यक्रम का भी आयोजन कथा स्थल पर किया गया है जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक राजेश महाराज जी बिलासपुर एवं गायक भास्कर पुरोहित उज्जैन अपने सु मधुर भजनों की प्रस्तुति देंगे

गया जी से वापस आकर होगा भंडारा प्रसाद का आयोजन

धनोदिया मंगल परिवार के सभी परिवार जन गया जी से वापस आकर भंडारा प्रसाद का आयोजन करेंगे।14 अक्टूबर 2026, बुधवार, समय दोपहर 12:00 बजे से स्थान अग्रसेन भवन मेन रोड़, बाराद्वार में भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया है
भागवत कथा में शामिल होने आयोजन परिवार का निवेदन

आयोजक धनोदिया मंगल परिवार ने सभी श्रद्धालु भक्त जनों से आग्रह करते हुए कहा है कि परमपिता परमेश्वर की असीम अनुकम्पा एवं पूज्य पूर्वजों के आशीर्वाद से पितृमोक्षार्थ गया श्राद्धान्तर्गत श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के मंगलमय आयोजन का हमें परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है।इस पावन अवसर पर रामभदाचार्य महाराज के द्वारा दीक्षित उनके अतिप्रिय कृपा पात्र शिष्य राजू दास वैष्णव जी महाराज व्यासपीठ पर विराजमान होकर अपनी अमृत तुल्य रसमयी वाणी द्वारा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की त्रिवेणी का प्रवाह कर भक्तों को निर्मल भवतारिणी कथा का रसपान कराएंगे, अतएव आप सभी धर्मप्रेमी भक्तगणों से सादर एवं सविनय अनुरोध है कि आप सपरिवार ईष्ट मित्रों सहित पधारकर भागवत कथा अमृत रसपान कर जीवन धन्य करें।


कथावाचक परम पूज्य राजू दास वैष्णव महाराज का परिचय

वैष्णवी ग्रंथ श्रीमद् भागवत महापुराण के रससिक्त जीवन ओतप्रोत समर्पित एवं श्री श्री 1008 तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य महाराज के द्वारा दीक्षित एवं उनके चरणों में दृढ़ भक्ति एवं प्रीति रखने वाले पूजनीय राष्ट्रीय कथा वाचक राजू दास वैष्णव महाराज का जन्म छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला के अंतर्गत आने वाले छोटे से ग्राम श्री राधा निकुंज सरई पतेरा में 06/04/1980 के दिन हुआ उनकी माता का नाम गोलोक वासनी बसंत बाई था और पिता का नाम ब्रहालीन रामदास वैष्णव था उनके चार भाई, दो बहन एवं तीन पुत्र है राजू दास वैष्णव के घर में सदैव संतों का आगमन रहता था एवं उनके घर में राम कथा, भागवत कथा के प्रति एवं शिशु राघव के अन्य सेवक होने के नाते बचपन से ही संस्कार मिला राजू दास वैष्णव का शिक्षा 12 वीं तक हुआ उसके बाद संगीत के प्रति ईश्वरी प्रेरणा से झुकाव हुआ पूज्य महाराज के गांधर्व महाविद्यालय से गायन वादन में विशारद पूर्ण हुआ संतों का साथ उन लोगों की कथा प्रवचन में एवं संतों के चरणों में रहकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर में संगत करने का शुभ अवसर मिला श्री राजू दास वैष्णव जी महाराज के कुछ विशिष्ट शिष्यों की विशेष आग्रह पर साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा करने का अवसर मिला तब से अब तक के इस आनंद रस के प्रवाह में मानव जीवन प्रवाहित हो रही है पूज्य महाराज श्री का मुख्य उद्देश्य भगवान के प्रति सदाचार और मानव सेवा जागृत करना है जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज के अतिप्रिय कृपा पात्र शिष्य राष्ट्रीय कथा वाचक राजू वैष्णव जी महाराज।