राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुए सक्ती के शिक्षक छबि राठौर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025
सक्ती- शिक्षक दिवस के अवसर पर सक्ती जिले के लिए गौरव का क्षण रहा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोरथा में व्याख्याता (जीवविज्ञान) के पद पर कार्यरत श्री छबि राठौर को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।
5 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ राजभवन में आयोजित गरिमामयी शिक्षक दिवस समारोह में महामहिम राज्यपाल श्री रामेन डेका के करकमलों से श्री छबि राठौर को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, लोक शिक्षण संचालनालय के सचिव ऋतुराज रघुवंशी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित शिक्षा जगत के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्य के शीर्ष नेतृत्व एवं वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मान प्राप्त करना राठौर के लिए ही नहीं, बल्कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोरथा एवं सक्ती जिले के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
विज्ञान शिक्षा और नवाचार को बनाया कार्यशैली का आधार
छबि राठौर जीवविज्ञान के व्याख्याता होने के साथ-साथ विज्ञान एवं नवाचार आधारित गतिविधियों में सक्रिय रूप से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर विज्ञान मॉडल, विज्ञान प्रदर्शनी, सेमिनार, क्विज, विज्ञान क्लब तथा विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न विज्ञान प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मंचों तक पहुंचाने में उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी, वेस्ट इंडिया साइंस फेयर सहित अनेक विज्ञान आधारित गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनके मार्गदर्शन की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं।
एनएसएस के माध्यम से विकसित की सेवा भावना
राठौर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता एवं सामुदायिक सहभागिता विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।
लेखन, शोध और नवाचार में योगदान
राठौर की कार्यशैली की विशेषता यह है कि वे ग्रामीण एवं सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को भी बड़े मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। विज्ञान प्रदर्शनी, विज्ञान सेमिनार, इंस्पायर अवॉर्ड, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस तथा अन्य वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में वे नियमित रूप से मार्गदर्शन देते रहे हैं। उनका मानना है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता है उसे सही दिशा और अवसर देने की। इसी सोच के साथ वे ग्रामीण विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
सक्ती जिले का बढ़ा गौरव छबि राठौर को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किए जाने से सक्ती जिले, शिक्षा विभाग सक्ती एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोरथा का गौरव बढ़ा है। राजभवन में राज्यपाल के करकमलों से सम्मान प्राप्त करना उनके लंबे शैक्षणिक समर्पण, नवाचार और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण पहचान है। शिक्षा जगत, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जिले के शिक्षकों ने श्री राठौर को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका सम्मान ग्रामीण अंचल में कार्य कर रहे शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सम्मान को बताया सामूहिक उपलब्धि
सम्मान प्राप्त करने के बाद छबि राठौर ने कहा कि “यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि मेरे विद्यार्थियों, सहकर्मियों, अभिभावकों, विद्यालय परिवार और शिक्षा विभाग के सहयोग एवं विश्वास का सम्मान है।” उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा ग्रामीण प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
राज्यपाल के हाथों प्राप्त यह सम्मान छबि राठौर के शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह संदेश देता है कि समर्पण, नवाचार, संवेदनशीलता एवं विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर ग्रामीण अंचल का शिक्षक भी राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है।
