छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

सक्ती – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश में धर्मांतरण रोकने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का अनुमोदन कर दिया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति सहित इसके साधनों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना है। इधर राज्य सरकार के फैसले पर अब लोगों की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है। गुरूवार, 12 मार्च को घर वापसी अभियान के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रमुख श्रीमती अंजू गबेल ने इस विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अपनी प्रतिक्रिया में घर वापसी अभियान छत्तीसगढ़ प्रांत प्रमुख श्रीमती अंजू गबेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार को सुशासन की सरकार बताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित करने के सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून आने से धर्मांतरण तो रूकेगा ही सनातन धर्म बचेगा भी। घर वापसी प्रांत प्रमुख श्रीमती गबेल ने आगे कहा कि आज षडयंत्र के तहत सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हो रही है। अधर्मी लोग प्रलोभन व कपटपूर्ण नीतियों का सहारा लेकर धर्मान्तरण करा सनातन धर्म को खत्म करने का कुचक्र अभियान में लगे हुए थे उसमें भी रोक लगेगी। विदित हो कि श्रीमती अंजू गबेल घर वापसी अभियान के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रमुख होने के साथ -साथ धर्म जागरण समन्वय की मातृशक्ति की सहसंयोजिका भी हैं। जो कि बीते पच्चीस सालों से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य रहीं हैं। श्रीमती अंजू गबेल नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। धर्मांतरण रोकने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली श्रीमती गबेल सनातन धर्म की रक्षा तथा उसके विस्तार के लिए भी निरंतर कार्यरत हैं। उनके इस उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें देश की राजधानी दिल्ली में पं. दीनदयाल हिन्दी विद्या पीठ मथुरा के द्वारा बीते 1 फरवरी 2026 को डाक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया है। इतना ही श्रीमती गबेल को इसी महीने के 29 तारीख को भिलाई में भी राष्ट्रीय महिला प्रतिभा सम्मान से भी सम्मानित किया जाएगा।


