सक्ती

दीपावली पर क्या फिर सजेगा ‘बावन परियों’ का बाजार? सट्टा-जुए के फड़ों पर नगरवासियों की नजर, पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

सक्ती –  दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही सक्ती नगर में एक बार फिर जुआ-सट्टा के अवैध कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वैसे तो सक्ती नगर जुआ-सट्टा के लिए लंबे समय से चर्चित रहा है, लेकिन दीपावली के अवसर पर यह कारोबार अपने चरम पर पहुंच जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘बावन परियों का बाजार’ कहा जाता है।
पुलिस की कार्रवाई और लीपापोती की चर्चा –
पिछले कुछ समय में सक्ती पुलिस द्वारा जुए के कई फड़ों पर छापा मारकर जुआरियों को पकड़ा भी गया है, जिनमें से कुछ छापे पिछली दीपावलियों के दौरान भी मारे गए थे। पुलिस की इन कार्रवाइयों की शहर में सराहना भी हुई है। हालांकि, इन कार्रवाइयों के साथ-साथ शहर में कई तरह की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि कुछ स्थानों पर पकड़े गए जुए की रकम को कम दिखाया गया, तो कुछ स्थानों पर चुनिंदा लोगों को बचाने का प्रयास किया गया। यहाँ तक कि एक-दो मामलों में प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की वजह से घटना स्थल बदलने जैसी बातें भी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।इन चर्चाओं के कारण जुआरियों के मनोबल पर कोई विशेष असर पड़ता नजर नहीं आता और वे हर बार फिर से नई बिसात बिछाने में जुट जाते हैं।
नगरवासियों की मांग –
नगर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि दीपावली पर जुए के कारण कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं। लोगों की मांग है कि पुलिस इस बार केवल खानापूर्ति न कर, बड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई करे ताकि आम जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।अब देखना यह होगा कि इस दीपावली पर सक्ती पुलिस किस तरह की रणनीति अपनाती है और क्या वह जुए के इस अवैध साम्राज्य पर प्रभावी अंकुश लगा पाती है या नहीं। इस पर पूरे नगरवासियों की नजर टिकी हुई है।