वोट चोरी नहीं होती तो और अधिक मतों से जीतते जिले के कांग्रेस विधायक: गिरधर जायसवाल

भाजपा ने दशकों तक सिर्फ आश्वासन देकर ठगा, कांग्रेस सरकार ने सक्ती को जिला बनाकर पूरा किया वादा: कांग्रेस
अभिषेक शर्मा के सवालों पर पलटवार: ‘मतदान से दो दिन पहले ही भाजपा प्रत्याशी ने स्वीकार कर ली थी हार’
सक्ती – छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सक्ती जिले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सक्ती नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा द्वारा पूछे गए सवालों का करारा जवाब देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के विधायक प्रतिनिधि गिरधर जायसवाल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ सक्ती विधानसभा में भी बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ हुई है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और वोट चोरी के बावजूद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायकों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यदि यह वोट चोरी नहीं होती, तो कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत का अंतर और भी अधिक होता।
सक्ती को जिला बनाना कांग्रेस की ऐतिहासिक उपलब्धि
भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस नेता गिरधर जायसवाल ने कहा कि सक्ती को जिला बनाने की मांग कई दशकों से की जा रही थी। भाजपा के नेताओं ने सत्ता में रहते हुए सिर्फ खोखले आश्वासन दिए और सक्ती के मतदाताओं का वोट हासिल करते रहे। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सक्ती की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसे जिला बनाया, जिससे क्षेत्र के विकास के नए रास्ते खुले।
800 करोड़ के विकास कार्यों से जनता को मिला सीधा लाभ
क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए विधायक प्रतिनिधि ने बताया कि पिछले कार्यकाल में पूरे सक्ती विधानसभा क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ रुपये के अभूतपूर्व विकास कार्य कराए गए। सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया। विधानसभा क्षेत्र के सभी आवश्यक और दूरदराज के इलाकों में पक्की सड़कों का निर्माण कराया गया। इन जनहितैषी कार्यों का सीधा लाभ कांग्रेस को चुनाव में मिला, जिसके दम पर भाजपा के तमाम दुष्प्रचार के बाद भी कांग्रेस ने जीत हासिल की। वोट चोरी के कारण केवल जीत का अंतर कम हुआ, जबकि धरातल पर भाजपा का कोई असर नहीं था।
