सक्ती

रामचंद्र राइस मिल परिसर स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में 48वें भादवा महोत्सव का शुभारंभ

सालों से आस्था का केंद्र है बाराद्वार का राणी सती धाम, भादवा महोत्सव में गूंजे जयकारे

रामचंद्र राइस मिल परिसर स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में 48वें भादवा महोत्सव का शुभारंभ kshititech

सक्ती –  यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही आस्था का प्रतीक है। सालों से हो रहा यह उत्सव बाराद्वार में आज भी उसी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। दादी राणी सती के प्रति लोगों में अगाध आस्था है, इसका प्रमाण है भादवा महोत्सव में उमड़ता जनसैलाब। नगर के हृदय स्थल, रामचंद्र राइस मिल परिसर स्थित श्री राणी सती दादी मंदिर में 48वें भादवा महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ हुआ।
दोपहर 2 बजे, जब 71 सुहागिन महिलाओं ने लाल चुनरिया ओढ़े, हाथों में पूजा की थाली लिए एक साथ दादी जी का मंगलपाठ शुरू किया, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शंख, घंटी और “जय दादी की” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर दादी जी का फूलों और वस्त्रों से ऐसा अलौकिक श्रृंगार किया गया था कि हर देखने वाला भाव-विभोर हो रहा था। इस संबंध में दिलीप झुनझुनवाला, दीपक झुनझुनवाला, सौरभ एवं स्वप्निल झुनझुनवाला ने बताया कि भादवा महोत्सव के दूसरे दिन सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन किया गया है । मेले में रेस्टारेंट , हॉटल , चाट के ठेले एवं चूड़ी-श्रृंगार की दुकानें, मीना बाजार, खिलौने और बच्चों के मनोरंजन के लिए बड़े-बड़े झूले लगाए गए हैं। आज शुक्रवार की शाम दादी जी की भव्य महा आरती की जाएगी, इसके साथ ही इस दो दिवसीय महोत्सव का समापन हो जाएगा। इस पावन अवसर पर सक्ती एवं पड़ोस के जिले जांजगीर रायगढ़, बिलासपुर सहित दूर-दराज से सैकड़ों श्रद्धालु दादी के दरबार में माथा टेकने बाराद्वार पहुंचे।