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सक्ती में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी: जगह-जगह हुआ स्वागत, मुस्लिम समाज ने गुलाब फूल बांटकर दिया भाईचारे का पैगाम

सक्ती में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी: जगह-जगह हुआ स्वागत, मुस्लिम समाज ने गुलाब फूल बांटकर दिया भाईचारे का पैगाम kshititech

सक्ती –  नगर में हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (ईद-मिलादुन्नबी) के मुबारक मौके पर मुस्लिम समाज द्वारा अकीदत और उत्साह के साथ भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। ‘सरकार की आमद मरहबा’ की सदाओं से पूरा नगर गूंज उठा।
गुलाब का फूल भेंट कर दिया अमन और मोहब्बत का संदेश
जुलूस के दौरान कौमी एकता और आपसी सौहार्द की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम समाज के लोगों ने मार्ग में मौजूद आम नागरिकों और व्यापारियों को गुलाब का फूल भेंट कर ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी और शहर में अमन, शांति व आपसी भाईचारे का पैगाम दिया।
नगर पालिका अध्यक्ष ने किया स्वागत
नगर पालिका के पास: जुलूस के नगर पालिका परिषद पहुंचने पर अध्यक्ष श्याम सुंदर द्वारा जुलूस का आत्मीय स्वागत किया गया और समाज के लोगों को गले लगा कर पर्व की शुभकामनाएं दी गईं साथ ही संजय अग्रवाल, श्री किसान अगरवाल ,राहुल अग्रवाल, लाला अग्रवाल, मोहन देवांगन, मोहित बरेठ, रियाजुद्दीन शामिल रहे।
अग्रसेन चौक पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया इस्तकबाल
इसी क्रम में अग्रसेन चौक के पास कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल द्वारा जुलूस का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने समाज के गणमान्य नागरिकों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए डंडा भी बाटा गया इस अवसर रवि भारद्वाज, भूरू अग्रवाल, राशिद खान कार्यकर्ता शामिल रहे ।
जुलूस नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होता हुआ शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
आकर्षक मक्का-मदीना की झांकियां
जुलूस में विशेष रूप से सजाई गई पवित्र मक्का शरीफ और मदीना मुनव्वरा की खूबसूरत झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
मस्जिद के पास मुल्क की सलामती के लिए हुई दुआ
जुलूस के मुख्य मार्गों से होते हुए मस्जिद के पास पहुंचने पर इमाम सैफुल्ला मिस्बाही ने हिंदुस्तान में अमन, चैन, तरक्की और सुकून के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान सभी ने हाथ उठाकर मुल्क की सलामती की कामना की।
इस अवसर पर सुन्नी मुस्लिम जमात के हाजी तैय्यब अली रिज्वी, हाजी वाहेद खान, हाजी मुनव्वर वारसी, हाजी गुलाम नबी, भाई महबूब खान, शम्स तमरेज खान, रिजवान खान, मोहम्मद अजलाल, आजम खान, राजा खान, हज्जा खान, जमाल खान, सुल्तान खान, रमजान खान, सुलेमान खान, बंटी खान, रज्जब अली, रज्जाक अली, आरिफ खान, फैजान खान, सोनु खान, शाबा खान, सुहैल खान, रूस्तम खान, राशीद खान, हफिज खान, इकबाल खान, जावेद खान, सकिल अहमद, करीम खान, गुलाम मनिहार, नासिर हुसैन, शफिक अहमद,तैय्यब खान, दानीश खान, शमीम खान इम्तियाज खान, गनी वकील, अलीम खान, ऐजाज खान, रईस खान, फारूक खान, नाजिर खान,अयाज खान, पिन्टू खान, असलम खान, राजु खान, साजिद खान, वाजीद खान, आबिद खान, छोटु खान काफी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल रहे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।