पड़रिया धाम में यज्ञ हवन आहुति के साथ अखंड रामायण का हुआ आगाज

यज्ञ अनुष्ठान के साथ वृक्षारोपण वक्त की मांग
सक्ती- यज्ञ अनुष्ठान के द्वारा वायुमंडल शुद्धिकरण के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण वक्त की मांग है, यह बात उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बाबा धर्मराज की तपस्थली पड़रिया धाम भूल_भुलैया जंगल में त्रिदिवसीय (१४_१६ जून ) आयोजन के शुभारंभ अवसर पर कहते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि आज जहां यज्ञ हवन में सूखे वृक्ष के लकड़ियों पौधे का उपयोग कर वायुमंडल शुद्धिकरण का कार्य कर रहे है तो वहीं पर्यावरण संतुलन के लिए इस वन में अधिक से अधिक संख्या में वृक्षों का रोपण कर जंगल में हरियाली लाएं अन्यथा उद्योग धंधों, खदानों, सड़कों आदि के नाम पर वृक्षों के अनवरत कटाई से पर्यावरण बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है और हम सब भीषण गर्मी और जल संकट से लगातार जूझ रहे हैं जिसका एकमेव हल वृक्षारोपण के साथ जंगल का संरक्षण है। आज वन आच्छादित ग्राम छीता पड़रिया कानन में अखंड रामायण पाठ_ गीत संगीत भजन के साथ हवन यज्ञ अग्नि तपस्या के बीच साधु और श्रद्धालुओं का अद्भुत समागम दिखाई दे रहा है, जहां बाबा धर्मराज लोक कल्याणार्थ तपस्या में लीन हैं तो वहीं श्रद्धालु अपने मनोकामना के साथ यज्ञ अनुष्ठान में शिरकत कर रहे हैं। इस संबंध में ज्ञानकुंज स्कूल के संचालक एवं समाजसेवी दुलीचंद साहू ने बताया कि इस त्रिदिवसीय आयोजन की शुरुवात आज 14 जून को हवन_ यज्ञ, अखंड रामायण पाठ एवं अग्नि तपस्या के साथ हुआ है जिसका समापन 16 जून मंगलवार को सहस्त्र धारा से और भोग प्रसाद ग्रहण के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर ग्राम सरपंच संतोष सिदार, कमलेश चौहान, सुरेश साहू, राजेश साहू, रोहित साहू, रामेश्वर धीवर, दादू चौहान, बाजीराव आदि कार्यकर्ताओं के साथ श्रद्धालु आयोजन में सक्रियता के साथ लगे हैं।
बाबा धर्मराज के अनुसार आयोजन में नागा एवं साधु परंपरा के संतों का आगमन संभव है इसलिए बाबा ने आम जनों से आग्रह किया है कि इस विशिष्ट आध्यात्मिक आयोजन में सहभागी बन साधु_ संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपना जीवन सफल बनाएं। विदित हो कि विगत करीब दो वर्ष से बाबा धर्मराज छीता पंडरिया जंगल बैगिन बैगा चौरा के निकट हनुमान लला की अनवरत साधना में लगे हुए हैं तथा हर मंगलवार और शनिवार को लोगों की समस्याओं का अपने तई निवारण करते हैं जिससे पंडरिया धाम प्रसिद्ध होकर लोगों के आस्था केंद्र बना हुआ है जिसके बारे में लोग अपने अपने तरह से बात रखते हैं पर अब तक बाबा धर्मराज के विशिष्ट साधना और सिद्धि को लेकर लोगों की जिज्ञासा बनी हुई है।




