जनसमस्या निवारण शिविर में ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मानित हुईं दूरपती सिदार

बिहान योजना ने बदली दूरपती सिदार की जिंदगी, सिलाई कार्य से बनीं ‘लखपति दीदी‘
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल: सालाना 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं दूरपती, बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा
सक्ती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण अंचलों में विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानियां गढ़ रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित समाधान शिविरों में न केवल समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है सक्ती जिले के ग्राम कुसुमझर की निवासी श्रीमती दूरपती सिदार की, जिन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। कभी सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना करने वाली दूरपती आज अपने मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत खुरघटी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें इस उपलब्धि के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्रीमती दूरपती सिदार बताती हैं कि वे दीप्ति स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ एवं सीआईएफ राशि का लाभ मिला, जिससे उन्होंने सिलाई मशीन खरीदकर अपना व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे उनके कार्य में विस्तार हुआ और उन्होंने बैंक से ऋण प्राप्त कर व्यवसाय को और आगे बढ़ाया। उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे अपने सिलाई व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। दूरपती कहती हैं कि बिहान योजना ने उन्हें केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया। अब वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में अपने पति का सहयोग कर रही हैं और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनकी सफलता आसपास की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “आज मैं लखपति दीदी बन गई हूं। मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है और परिवार का जीवन बेहतर हुआ है। इसके लिए मैं बिहान योजना और शासन का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।” सुशासन तिहार के माध्यम से ऐसी सफलताएं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं।




