सक्ती

कलेक्टर की पहल पर उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार होंगे जिले के आईटीआई युवा

जिला प्रशासन की पहल पर उद्योग प्रतिनिधियों और आईटीआई प्राचार्यों की समन्वय बैठक आयोजित

सक्ती –  जिला सक्ती के औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, औद्योगिक इकाइयों और शासकीय आईटीआई संस्थानों के प्रमुखों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक के प्रारंभ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शोभेंद्र नायक ने बैठक के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका प्राथमिक लक्ष्य उद्योगों की आधुनिक तकनीकी जरूरतों और आईटीआई द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के स्किल गैप को समाप्त करना है, जिससे दोनों पक्षों को परस्पर लाभ मिल सके और स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
          बैठक में पावर प्लांट, राइस मिल, पाइप मैन्युफैक्चरिंग और केमिकल एरोमैटिक्स उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बॉयलर ऑपरेटर, टरबाइन ऑपरेटर, आईबीआर वेल्डर, मिलराइट फिटर, क्रेन ऑपरेटर तथा केमिकल टेक्नीशियन जैसे पदों पर दक्ष मानव संसाधन की भारी मांग दर्ज कराई। उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जिले के आईटीआई संस्थानों से प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होने पर बाहरी राज्यों से श्रमिक और तकनीशियन लाने की आवश्यकता कम होगी। वहीं, आईटीआई सक्ती, डभरा, मालखरौदा और जैजैपुर के प्राचार्यों ने अपने संस्थानों में संचालित कोपा, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, ड्राइवर-कम-मैकेनिक और आईओटी हेल्थकेयर ट्रेड्स की जानकारी दी। प्राचार्यों ने उद्योगों की मांग के अनुरूप नए आधुनिक ट्रेड्स शुरू करने, वर्कशॉप इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने तथा विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल विजिट की आवश्यकता पर बल दिया।
       कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने कैंपस सिलेक्शन में विद्यार्थियों के चयन अनुपात को बढ़ाने के लिए प्राचार्यों को निर्देशित किया कि कैंपस प्लेसमेंट से पूर्व विद्यार्थियों के लिए विशेष क्रैश कोर्स संचालित किए जाएं। उन्हें प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के साथ ही इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन स्किल्स को निखारने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि विद्यार्थी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। आईटीआई विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों और सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए उद्योगों में 150 घंटे का ऑन-जॉब प्रशिक्षण (ओजेटी) अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी उद्योगों को नेशनल अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर सक्रिय पंजीयन कराकर स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रदान करने के निर्देश दिए गए। उद्योगों के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ आईटीआई के शिक्षकों को प्लांट की आधुनिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण देंगे, जिससे कक्षाओं में दिया जाने वाला प्रशिक्षण उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप हो सके। बैठक में कलेक्टर ने सभी आईटीआई संस्थानों और उद्योगों को नए ट्रेड्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं की सूची 15 नवंबर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समग्र जिला एक्शन प्लान तैयार कर शासन को भेजा जा सके। जिला प्रशासन की इस पहल से स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योगों को कार्यकुशल तकनीकी मानव संसाधन सुलभ कराने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सक्ती के महाप्रबंधक शो नायक, पावर प्लांट, राइस मिल, पाइप मैन्युफैक्चरिंग और केमिकल एरोमैटिक्स उद्योगों के प्रतिनिधि, आईटीआई के प्राचार्य सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।