सक्ती

हसौद थाना क्षेत्र के गांवों में तास पत्ती से जुए का खेल जारी; दीपावली पर्व पर पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की ग्रामीणों ने की मांग

ग्रामीण अंचलों में जुआरियों की सक्रियता से बढ़ी चिंता, अवैध गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाने की जरूरत

सक्ती –  जिले के हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में इन दिनों ‘काट पत्ती’ नामक तास के जुए का खेल तेजी से जोर पकड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर मिल रही विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों में जुआ खेलने और खिलाने वाले गिरोहों व असामाजिक तत्वों की सक्रियता अचानक काफी बढ़ गई है। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रही इस अवैध गतिविधि को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है।
त्योहार की पवित्रता और सामाजिक माहौल पर असर
दीपावली का पावन त्योहार खुशियों, सुख-समृद्धि, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे पावन अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में जुए जैसी सामाजिक बुराई और अवैध गतिविधियों के पैर पसारने की खबरें पूरे माहौल को दूषित कर रही हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से मानना है कि जुए की इस घातक लत के कारण कई हंसते-खेलते परिवारों को भारी आर्थिक तबाही और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
विवाद और अपराध बढ़ने की आशंका
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने आशंका जताई है कि जुए के फड़ पर बड़ी रकम हारने के बाद अक्सर जुआरियों के बीच खूनी संघर्ष और आपसी विवाद की स्थितियां निर्मित होती हैं, जिससे गांवों का शांतिपूर्ण सामाजिक माहौल पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, जुए में पैसा हारने और कर्ज के दलदल में फंसने के चलते कुछ लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी या अन्य गंभीर आपराधिक रास्तों की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं। हालांकि, जुए के कारण चोरी या अन्य आपराधिक घटनाएं होने की पुष्टि संबंधित मामलों की गहन जांच के बिना नहीं की जा सकती, लेकिन एहतियात के तौर पर इस पर रोक लगाना अनिवार्य है।
पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
दीपावली पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हसौद थाना क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में पुलिस गश्त और रात्रि कालीन निगरानी को तत्काल बढ़ाने की बेहद सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला पुलिस प्रशासन और स्थानीय थाना प्रभारी से मांग की है कि क्षेत्र में जहां कहीं भी अवैध रूप से जुए के फड़ संचालित हो रहे हैं, वहां मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर तत्काल छापेमारी की जाए। अवैध गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगाने से न केवल जुआरियों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि ग्रामीण अंचलों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था भी सुदृढ़ बनी रहेगी।
अब क्षेत्र की जनता की नजरें हसौद थाना पुलिस की मुस्तैदी पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि पुलिस प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में कथित तौर पर संचालित जुए की इन गतिविधियों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है और दीपावली के इस उल्लासपूर्ण माहौल में शांति भंग करने वाले तत्वों पर किस तरह की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाता है।