सक्ती

शरद पूर्णिमा पर साल्हे में दिखेगा आस्था का सैलाब

शरद पूर्णिमा पर साल्हे में दिखेगा आस्था का सैलाब kshititech

सक्ती – शरद पूर्णिमा भगवान श्रीकृष्ण के महा रास का पर्व है, यह बात कहते हुए हिंदू जागरण मंच के जिला प्रमुख एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बताया कि सक्ती जिले के ग्राम साल्हे में आयोजित ऐतिहासिक मेले में इस बार फिर आस्था का सैलाब नजर आएगा, जहां शरद पूर्णिमा की रात्रि में औषध युक्त खीर प्रसाद को ग्रहण करने के लिए लोग दूर_दूर से आते हैं और दमा से रोग से मुक्ति प्राप्त करते हैं।इस संबंध में ग्राम के मूल निवासी अधिवक्ता चितरंजय पटेल का कहना है कि 28 वर्ष पूर्व गाँव के मालगुजार परिवार के वृन्दा सिंह पटेल के द्वारा भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ शरद पूर्णिमा की रात्रि में बने खीर को आयुर्वेद औषधि के साथ वितरण किया जाता था जिसके सेवन से लोगों को दमा जैसे बीमारी से निजात मिलती थी। आज उनके मृत्यु उपरांत छविलाल पटेल के द्वारा पूजन कार्य का निष्पादन किया जा रहा है जिससे साल्हे में शरद पूर्णिमा का आयोजन ने मेले का रूप ले लिया और शरद पूर्णिमा की शाम से लेकर प्रतिपदा की सुबह तक श्रद्धालुओं जा तांता लगा रहता है और लोग अमृत रूपी खीर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
साल्हे सरपंच ओमप्रकाश पटेल के अनुसार परंपरानुसार अब शरद पूर्णिमा के मेले ने आधुनिक रूप ले लिया है तथा रात्रि में दूरस्थ अंचलों से नृत्य, नाटक मंडली के साथ विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहती है तथा लोग आधुनिक मेले का आनंद के साथ अमृत खीर प्रसाद ग्रहण करने हजारों की संख्या में शाम से ही आना शुरू कर देते हैं।
पौराणिक मान्यता अनुसार शरद पूर्णिमा को ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहते हैं। इस रात माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता लक्ष्मी इस रात भ्रमण पर निकलती हैं और देखती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है,जिन्हें देवी लक्ष्मी आशीर्वाद प्रदान करती हैं जबकि शरद पूर्णिमा की रात्रि में गाय के दूध से बनी खीर चंद्रमा की रोशनी (चांदनी) में रखा जाता है, जिसे सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है।फलस्वरूप अमृत प्रसाद रूपी खीर ग्रहण करने के साथ भगवान श्रीकृष्ण के महारास और माता लक्ष्मी के जागरण का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाने की परंपरा सक्ती जिले के ग्राम साल्हे (डभरा) में आज भी कायम है।