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17 अक्टूबर को सक्ती से निकलेगी मां वैष्णो देवी उल्दा की पदयात्रा

साक्षात वैष्णो देवी माता विराजित है उल्दा की पहाड़ियों में मां महामाया पदयात्रा सेवा समिति ने किया है पहले वर्ष का आयोजन

17 अक्टूबर को सक्ती से निकलेगी मां वैष्णो देवी उल्दा की पदयात्रा kshititech

सक्ती –  सक्ती शहर के महामाई दाई मंदिर से आगामी 17 अक्टूबर 2026 दिन- शनिवार को दोपहर 2:00 बजे माता रानी की पूजा अर्चना कर खरसिया विकासखंड के बरगढ़ से लगे प्रसिद्ध मां वैष्णो देवी मंदिर उल्दा की पदयात्रा निकाली जाएगी। उपरोक्त पदयात्रा का आयोजन पहले वर्ष के रूप में सक्ती की प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था मां महामाया पदयात्रा सेवा समिति ने किया है। तथा आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि दोपहर 2:00 बजे यात्रा रवाना होकर सक्ती के रगजा, मसनिया चौक, नेशनल हाईवे, बरगढ़ होते हुए उल्दा पहुंचेगी। जहां माता वैष्णो देवी के मंदिर में पूजा अर्चना कर पदयात्री मत्था टेकेगे।
पद यात्रियों के वापस आने के लिए भी निशुल्क वाहनों की व्यवस्था
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि उल्दा से वापस आने के लिए सभी पद यात्रियों के लिए वाहनों की निशुल्क व्यवस्था की गई है। एवं उल्दा में रात्रि समय भंडारा प्रसाद का भी आयोजन किया गया है
पद यात्रा को लेकर सक्ती में भारी उत्साह
मां वैष्णो देवी की पैदल पदयात्रा शक्ति से पहली बार निकाली जा रही है जिसे लेकर पदयात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एवं आयोजन समिति का कहना है कि करीब 5000 की संख्या में पदयात्रा माता वैष्णो देवी के दरबार के लिए रवाना होंगे
उल्दा में माता वैष्णो देवी का है अद्भुत दरबार
खरसिया विकासखंड के ग्राम उल्दा में माता वैष्णो देवी का अद्भुत दरबार स्थापित है। तथा माता वैष्णो देवी पहाड़ों पर विराजमान है। एवं लोगों का कहना है कि दशकों पूर्व किसी धर्म प्रेमी को माता वैष्णो देवी ने सपने में आकर कहा था कि मेरे मंदिर का निर्माण करें तब से इस मंदिर का निर्माण कर वहां प्रतिवर्ष नवरात्रि के पावन मौके पर भव्य रूप से पूजा अर्चना का आयोजन एवं प्रतिदिन दोनों समय भंडारा प्रसाद का भी आयोजन होता है। तथा मंदिर के चारों ओर झरनों की कल कल बहती धारा लोगों के पर्यटन का भी केंद्र बनी हुई है। एवं मंदिर के ऊपर ज्योति कलश कक्ष की स्थापना की गई है। जहां नवरात्रि के मौके पर मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्वलित किए जाते हैं
सक्ती के सत्य विद्या ज्वेलर्स परिवार ने करी थी मंदिर निर्माण के लिए पहल
वर्षों पूर्व सक्ती शहर के प्रतिष्ठित सत्य विद्या ज्वेलर्स परिवार के अरुण अग्रवाल. अनिल अग्रवाल एवं शिव अग्रवाल ने माता रानी के मंदिर निर्माण की पहल करते हुए उस जगह को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में अपना अमूल्य योगदान दिया था तथा ग्राम उल्दा के नागरिक जहां वर्षों से देवी माता की पूजा अर्चना करते थे किंतु आज यह मंदिर बड़े पर्यटन एवं धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। तथा गांव के जागरूक लोक पूरे वर्ष भर इस मंदिर के रखरखाव एवं संचालन में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।