ई बसो की सुविधा में सक्ती जिले का नंबर ही नहीं

प्रदेश में चालू होने वाली है 240 नई ईं बसे, सक्ती से जेठा कलेक्ट्रेट-एसपी दफ्तर जाने के लिए बिना साधनों के लोग होते हैं परेशान
सक्ती – छत्तीसगढ़ प्रदेश में आगामी नवंबर 2026 से राज्य की सरकार बड़े शहरों में नई 240 ई बसों का संचालन करने जा रही है। तथा ई बस की सेवा में सक्ती जिले का कहीं नंबर ही नहीं है।ऐसा सूत्रों का कहना है। ज्ञात हो कि सक्ती जिला गठन को लगभग 4 साल व्यतीत हो चुके हैं। एवं सक्ती जिले का कलेक्टर कार्यालय, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित सभी सरकारी दफ्तर जेठा में वर्तमान में अस्थाई रूप से स्थापित है। तथा आगामी भविष्य में नए भवन निर्माण के पश्चात स्थाई रूप से जेठा में ही संचालित होंगे। जेठा सक्ती से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर है। किंतु दुर्भाग्य यह है कि आज भी इन कार्यालयों में जाने के लिए सक्ती से किसी भी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। तथा विगत 10 वर्ष पूर्व जब जेठा में नए सरकारी कॉलेज की स्थापना हुई थी। तब से ही सिटी बसों की मांग की जा रही है। किंतु आज तक शासन ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया तथा सक्ती जिले की जनता अपने आप को कहीं ना कहीं उपेक्षित महसूस कर रही है
जेठा के सरकारी कॉलेज के विद्यार्थी आज भी आवागमन के आभाव में होते हैं परेशान
जिला मुख्यालय सक्ती के कलेक्ट्रेट कार्यालय का संचालन जिस भवन से होता है वह सरकारी कॉलेज है। तथा उक्त कालेज की स्थापना साल 2015 में हुई थी एवं तत्कालीन महाविद्यालय की जन भागीदारी समिति ने तत्कालीन जांजगीर चांपा जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर बाराद्वार से जेठा एवं सक्ती से जेठा तक सिटी बसों के संचालन की मांग की थी। किंतु प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। तथा आज भी कॉलेज के विद्यार्थी आवागमन के आभाव में परेशान होते नजर आते हैं
छत्तीसगढ़ के चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में 240 ई-बसों के संचालन हेतु कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया गया।बसों में 6 सुरक्षा कैमरे, ऑनलाइन टिकट और मोबाइल से डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी। नवंबर 2026 से बिलासपुर और भिलाई में 20-20 ई-बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। यह पहल सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देगी।
