सक्ती

माननीय मुख्य न्यायमूर्ति श्रीमान रमेश सिंहा 4 सितंबर को होंगे सेवानिवृत्त

नवीन सिविल जिला सक्ती स्थापना के साथ टोल विस्थापन पर लगेगा ग्रहण

माननीय मुख्य न्यायमूर्ति श्रीमान रमेश सिंहा 4 सितंबर को होंगे सेवानिवृत्त kshititech

सक्ती – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप सबसे लंबी अवधि तक सेवा देकर इतिहास रचने वाले माननीय रमेश सिंहा के सेवानिवृति का नवीन जिला शक्ति के हित पर सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ना सुनिश्चित दिखाई दे रहा है। विदित हो कि अपने अल्प प्रवास के दरमियान मुख्य न्यायाधीश ने सक्ती के अधिवक्ताओं को तथास्तु! संबोधन से अपनी बात शुरुवात करते हुए नवीन न्यायालय भवन के लोकार्पण के साथ ही  सिविल जिला की स्थापना का वचन दिया था तथा प्रस्तावित न्यायालय भवन के निकट स्थित टोल प्लाजा को विस्थापित करने हेतु जिला प्रशासन पर भरपूर दबाव भी बनाया फलस्वरूप तत्कालीन कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जेठा टोल बैरियर को शीघ्र विस्थापित किये जाने की बात को जन संवाद कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।
परंतु अब कलेक्टर भी बदल गए जबकि रमेश सिंहा भी सेवा निवृत हो रहे हैं जिससे नवीन जिला सक्ती के हित एवं विकास निश्चित रूप से प्रभावित होता दिखाई दे रहा है तो वहीं यह भी सत्य है कि मुख्य न्यायाधीश अपने अप्रत्याशित न्यायिक आदेशों एवं निर्देशों के लिए जाने जाते हैं, और हो सकता है कि वे सेवामुक्ति के पूर्व कथित टोल बैरियर के विस्थापन हेतु कोई प्रभावी अथवा ज्यूडिशियल ऑर्डर पारित कर दें तो यह निश्चित रूप से नवीन जिला सक्ती के विकास पथ पर मील का पत्थर साबित होगा।
इस संबंध में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के जिला अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने चीफ जस्टिस माननीय रमेश सिंहा की कार्यशैली पर भरोसा करते हुए उम्मीद जाहिर किया कि चला चली की इस बेला में सक्ती वासियों की नजर माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिंहा की नजर ए इनायत पर टिकी हुई है वरना  सक्ती के लोग कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बीच आने जाने हेतु तथाकथित लगान देने के लिए मजबूर हैं ही।