सकरेली कलां में भोजली विसर्जन, 20 थाल पुरस्कृत

सक्ती – निकटवर्ती गांव सकरेली कलां में विगत दिवस भोजली विसर्जन पारंपरिक तरीके से हर्षोल्लास के साथ हुआ। माता-बहनों ने भोजली थाल को आकर्षक ढंग से सजाया। पारंपरिक लोकगीत देवी गंगा, देवी गंगा लहर तुरंगा की मधुर स्वर लहरी के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। इसके बाद गांव के मुख्य तालाब में भोजली विसर्जन किया गया। इस मौके पर स्कूल चौक में संक्षिप्त कार्यक्रम रखा गया। यहां सभी भोजली थाल एकत्र किए गए। सामूहिक रूप से लोकगीत गाए गए। आकर्षक और विशेष कला से सजे भोजली थाल को पुरस्कृत किया गया। कुल 20 थाल पुरस्कृत किए गए। इसके अलावा सभी थाल को प्रोत्साहन राशि दी गई। गांव के सभी चौक-चौराहों में विशेष पूजा-अर्चना भी हुई। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रश्मि गबेल मौजूद रहीं। उन्होंने भोजली गीत गाकर माता-बहनों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भोजली का तिहार आपसी भाईचारा और प्रेम-सौहार्द का पर्व है। यह लोगों को मेलजोल से रहना सिखाता है। इस दौरान ग्राम पंचायत सकरेली कलां के सरपंच जगन्नाथ सिदार, पंचायत प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक रोशन लाल पटेल, भगत राम सिदार, पूर्व सरपंच डमरूधर साहू, रामानुज साहू, राम प्रसाद पटेल, तोरेन्द्र पटेल, जगदीश पटेल, पुनी राम यादव, रवीचंद्र, होली, छेदी, गंगा राम, गनपत, कमलेश, नेहरू पटेल सहित स्थानीय नागरिक और माता-बहनें मौजूद रहीं।
