सक्ती

कलेक्टर के निर्देशन में कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर सख्ती, अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई

किसानों के हित में सख्त कदम, अनियमित कीटनाशक विक्रेताओं पर कार्रवाई

सक्ती – नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन 2026-27 के अंतर्गत जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कीटनाशकों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिले के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक 21 कीटनाशकों के नमूने प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं, जबकि 23 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही एक फर्म का लाइसेंस निरस्त (रद्द) करने की कार्रवाई की गई है। जिन विक्रय केंद्रों द्वारा अनियमितता पाई जा रही है, वहां कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
               नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन द्वारा जिले के सभी उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों का नियमित रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गुणवत्ताहीन सामग्री के वितरण पर रोक लगाने, संदिग्ध सामग्री के नमूने प्रयोगशाला भेजने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विगत दिवस विकासखण्ड डभरा अंतर्गत दीपक कृषि केन्द्र पेंड्रावां एवं भानु कृषि केन्द्र अमलडीहा का औचक निरीक्षण विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्मों में स्टॉक बुक, वितरण पंजी एवं अवसान पंजी संधारित नहीं किए जाने सहित अन्य अनियमितताएं पाई गईं। इस पर कीटनाशक निरीक्षक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिवस के लिए तत्काल विक्रय पर प्रतिबंध की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान पंजी में संधारण, लाइसेंस का सही प्रकार से प्रदर्शन, कीटनाशकों का पंजी संधारण तथा वितरण पंजी एवं बिल बुक को अद्यतन रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
            उप संचालक कृषि सक्ती द्वारा बताया गया कि किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जिले में संचालित सभी विक्रय केंद्रों का शत-प्रतिशत निरीक्षण करने के लिए जिला स्तरीय एवं विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षण दलों को निर्देशित किया गया है। गुणवत्ताहीन सामग्री का विक्रय करते पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।