खबर प्रकाशन के बाद जागे लोग, स्कूल में जाकर किया हो-हंगामा

सक्ती / बिर्रा- विकासखंड बम्हनीडीह के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में सालाना लगभग 80 हजार रुपए शाला अनुदान राशि के रूप में विद्यालय भवन की मरम्मत और रंग रोगन, लिपाई पोताई के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सीधे प्राचार्य एफएल साहू के बैंक खाते में दिया जाता है। लेकिन जब पिछले 10 सालों तक विद्यालय भवन में आवश्यक मरम्मत और रंग रोगन नहीं करने से विद्यालय भवन काफी जीर्ण शीर्ण हो गया है। तब इस संबंध में हमने 7 अगस्त दिन शुक्रवार के अंक में “सालाना अनुदान राशि मिलने के बाद भी मरम्मत और रंग रोगन को तरस रहा विद्यालय” हेडिंग देकर समाचार प्रकाशित किए थे। अब खबर प्रकाशन के बाद जागे लोगों ने हिम्मत जुटाई और इसके बाद स्कूल पहुंचकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के प्राचार्य एफएल साहू को कोसते हुए हो हंगामा किया गया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में 7 अगस्त दिन शुक्रवार को लगभग 12:00 बजे पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के द्वारा विद्यालय भवन और परिसर का मुआयना किया गया। विद्यालय पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पाया कि विद्यालय भवन में पिछले कई सालों से मरम्मत नहीं किया गया है। विद्यालय परिसर में बरसाती पानी का जमाव हो रहा है। विद्यालय भवन के अहाता बाउंड्री वॉल को भी पिछले कई सालों से रंग रोगन, लिपाई पोताई आज तक नहीं किया गया है। टूटे-फूटे कुर्सी टेबल इधर-उधर लावारिस की तरह बिखरे पड़े हुए हैं। टूटे-फूटे कुर्सी टेबल खुले आसमान के नीचे रखा गया है। टूटे-फूटे कुर्सी टेबल को बरसाती पानी के पड़ने से और अधिक ज्यादा खराब हो रहे हैं। बच्चों के प्रार्थना स्थल के ऊपर में कई प्रकार के विद्युत तार लटके हुए हैं जो थोड़ी सी हवा चलने पर बच्चों के सिर के ऊपर मंडराने लगते हैं। बच्चों को भविष्य में विद्युत तार से दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। प्रसाधन कक्ष में भी गंदगी का आलम है। कुल मिलाकर शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा रखरखाव और मरम्मत के अभाव में बहुत ज्यादा जर्जर हो चुका है। जिसको देखकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के प्राचार्य एफएल साहू को शासन के द्वारा सलाना लगभग 80000 मिलने के बावजूद भी आवश्यक मरम्मत और रखरखाव नहीं करने से खरी खोटी सुनाकर हो हंगामा किया गया है। पिछले 10 सालों तक शाला अनुदान की राशि डकारने का आरोप ग्रामीणों ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के प्राचार्य एफएल साहू के ऊपर लगाए हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के प्राचार्य एफ एल साहू के कार्यशैली से पूरा स्कूल स्टाफ और छात्र-छात्राएं परेशान लग रहे हैं। यहां पर प्राचार्य एफ एल साहू के प्रभार लेने से यह विद्यालय पूरा राजनीति का अखाड़ा बन गया है। यह विद्यालय हमेशा चर्चा में रहता है। यहां के प्राचार्य एफ एल साहू के मनमानी के कारण बीते शिक्षा सत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में एक विद्यालय में दो-दो प्राचार्य कार्यरत थे। एक वर्ष पूर्व में भी समाचार प्रकाशन के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन के आला अधिकारी अपनी कुंभ करनी निद्रा से जागे और एक प्राचार्य रखा गया। इसके साथ ही दूसरे का प्रभार वापस किया गया था। कुल मिलाकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के प्राचार्य एफएल साहू का तेवर चरम सीमा के सातवें आसमान पर टिका है।
बहरहाल कारण चाहे जो भी हो लेकिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर प्रत्येक वर्ष विद्यालय को मिलने वाली पिछले 10 वर्ष की शाला अनुदान की राशि की जांच की मांग कर रहे हैं। यह बात ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राचार्य का कहना है:–
(मेरे द्वारा इनवर्टर बैटरी और कैमरा विद्यालय में लगवाए हैं। भवन बनाते समय क्वॉलिटी मेंटेन नहीं किया गया है। इसी कारण भवन काफी जर्जर हो गया है।)
एफ एल साहू
प्राचार्य
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा

