सक्ती

जिला मुख्यालय सक्ती में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने की हुई मांग- वर्षो पूर्व मोदी सरकार ने दी थी स्वीकृति

शहर के आसपास ही होना चाहिए केंद्रीय विद्यालय. सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं केंद्रीय विद्यालय

सक्ती –  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विगत वर्षों सक्ती जिले में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की थी।तथा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए प्रस्ताव भी भेजा गया था। किंतु आज पर्यंत तक केंद्रीय विद्यालय की स्थापना नहीं हो पाई है। सक्ती जिले के नागरिकों ने छत्तीसगढ़ सरकार एवं केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से आग्रह किया है कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना जिला मुख्यालय सक्ती शहर के आसपास होनी चाहिए तथा राष्ट्रीय स्तर के विद्यालयों में विद्यार्थियों को आवागमन एवं सभी प्रकार की सुविधा मिल सके तथा वे अध्ययन के साथ-साथ जीवन में विभिन्न गतिविधियों से रूबरू हो सके इस दिशा में सक्ती शहर या की जिला मुख्यालय के आसपास ही इसके लिए बेहतर स्थान होगा। तथा नागरिकों का कहना है कि पूर्व में चिसदा में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना की गई थी तथा एक विद्यालय अब राष्ट्रीय स्तर का जिला मुख्यालय में अवश्य होना चाहिए। नागरिकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी मांग की है कि इस दिशा में प्रयास करते हुए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना सक्ती में करवाई जाए जिससे क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सके
सक्ती जिला मुख्यालय में राष्ट्रीय स्तर के केंद्रीय विद्यालय की हो स्थापना
सक्ती जिला गठन के पश्चात देखा जाए तो जिला मुख्यालय में राष्ट्रीय स्तर की एक भी बड़ी योजनाएं नहीं है। तथा केंद्रीय विद्यालय वर्तमान स्थिति में बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत महत्वपूर्ण संस्था है। जिसे सक्ती शहर में स्थापित करने से विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा. तथा विद्यार्थियों को न्यूनतम शुल्क पर राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी
क्या होती है केंद्रीय विद्यालय की संरचना एवं प्रवेश की प्रक्रिया
केन्द्रीय विद्यालय के बच्चे देश भर में अपनी बेहतरीन शिक्षा, अनुशासन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। केंद्रीय विद्यालयो में प्राथमिकता उन बच्चों को मिलती है जिनके माता-पिता केंद्र सरकार, रक्षा सेवा (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स), या केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं में काम करते हैं।अन्य सीटें: खाली बची सीटों पर राज्य सरकार के कर्मचारियों और आम जनता के बच्चों को भी मौका मिलता है। आरटीई के तहत गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए भी सीटें आरक्षित होती हैं। केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में आठवीं कक्षा तक के सभी लड़कों, बारहवीं कक्षा तक की सभी लड़कियों, एससी/एसटी छात्रों और केवी के कर्मचारियों के बच्चों की ट्यूशन फीस नहीं लगती है। सभी केंद्रीय विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से जुड़े होते हैं, जिससे पूरे देश में एक जैसा पाठ्यक्रम रहता है।उपलब्धियाँ और विकासपढ़ाई में अव्वल: केवी के बच्चे अक्सर सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) में देश भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इन विद्यालयों के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ स्काउट्स एंड गाइड्स, खेलकूद, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी यहाँ के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते हैं।