ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती में दसवीं की अंकसूची को स्कैन कर अपलोड किए जाने की मांग

सक्ती – जिले के शिवसैनिकों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बताया है कि ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किया जावे। जिसमें दसवीं की अंकसूची को स्कैन कर अपलोड करने की अनिवार्यता लागू किया जावे। वेदप्रकाश पटेल शिवसेना महासचिव सक्ती ने कहा है कि वर्तमान में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के लिए आवेदन करते समय अधिकतर आवेदक अपनी अंकतालिका की फोटो मोबाइल से खींचकर अपलोड कर देते हैं। इस प्रक्रिया में कुछ आवेदक कथित तौर पर अंको में हेरफेर कर 100 प्रतिशत अंक दर्शा रहे हैं। इस प्रकार की धांधली के कारण वास्तविक रूप से मेहनत करने वाले छात्र, जो अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार अंक प्राप्त करते हैं, वे ग्रामीण डाक सेवक के महत्वपूर्ण पदों पर चयन से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा है कि डाक विभाग द्वारा जारी की गई चयन सूची में अक्सर 100 प्रतिशत अंक वाले अभ्यर्थियों की संख्या अधिक देखने को मिलती है। यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान अंकतालिकाओं को अनिवार्य रूप से स्कैन करके अपलोड किया जाये, तो इस तरह के फर्जी 100 प्रतिशत अंक वाले आवेदन स्वतः ही बाहर हो जायेंगे और केवल वास्तविक तथा योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिल पाएगा। जिसको लेकर वेदप्रकाश पटेल शिवसेना महासचिव सक्ती, धनाराम साहू ग्राम अध्यक्ष, जानकी प्रसाद चन्द्रा, वेद व्यास, नारायण साहू, मोतीलाल चौहान, मनमोहन सहित अन्य शिवसैनिकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निवेदन किया है कि इस संवेदनशील मामले में तत्काल जांच किया जावे तथा ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में दसवीं की अंकसूची को स्कैन कर अपलोड कराने की मांग की है।

