प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत चना, मसूर एवं सरसों उपार्जन की अवधि बढ़ी

03 जुलाई 2026 तक किसान करा सकेंगे उपार्जन, पंजीकृत किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ
सक्ती- प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन हेतु सक्ती जिले में केंद्रीय एजेंसी नेफेड के माध्यम से छह समितियों को अधिसूचित किया गया है। इनमें रगजा, मालखरौदा, बेल्हाडीह, पिहरीद, जैजैपुर एवं कोटमी समितियां शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से अधिसूचित फसलों का उपार्जन निर्धारित तिथि तक किया जा रहा है, जहां पंजीकृत कृषकों द्वारा अपनी उपज का विक्रय किया गया तथा उन्हें समर्थन मूल्य की दर से राशि का भुगतान भी प्राप्त हुआ है। शासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन की अवधि 03 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। ऐसे कृषक जिन्होंने पोर्टल में पंजीयन कराया है, लेकिन अभी तक अपनी फसल का विक्रय नहीं कर पाए हैं, वे 03 जुलाई 2026 तक अधिसूचित समितियों में पहुंचकर अपनी उपज का विक्रय कर सकते हैं और समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा अधिकतम उपार्जन सीमा 6 क्विंटल प्रति एकड़ है। इसी प्रकार सरसों का समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल एवं अधिकतम उपार्जन सीमा 5 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित है। मसूर के लिए समर्थन मूल्य 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है तथा इसकी अधिकतम उपार्जन सीमा 2 क्विंटल प्रति एकड़ है। कृषि विभाग ने जिले के दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। किसानों को निर्धारित समयावधि के भीतर सहकारी समितियों में पहुंचकर उपार्जन कराने तथा योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।




