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आगामी मानसून को लेकर सर्पमित्र मयंक ठाकुर की अपील: “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अंधविश्वास से बचें”

आगामी मानसून को लेकर सर्पमित्र मयंक ठाकुर की अपील: "सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अंधविश्वास से बचें" kshititech

सक्ती –  लंबे समय से जीवों के प्रति निस्वार्थ सेवा भाव रखने वाले चर्चित युवा, गौसेवक और सर्पमित्र मयंक ठाकुर ने आगामी मानसून के मद्देनजर आम जनमानस के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता संदेश जारी किया है। उन्होंने बरसात के मौसम में सर्पदंश (सांप के काटने) की घटनाओं से बचने और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। जीव प्रेम और उनकी रक्षा के लिए समर्पित मयंक ठाकुर ने मानसूनी सीजन में होने वाले बदलावों और सावधानियों को लेकर कुछ अहम बिंदु साझा किए हैं: आवासों में जलभराव और सांपों का पलायन: बरसात शुरू होते ही सांपों के प्राकृतिक आवासों (बिल आदि) में पानी भर जाता है। ऐसे में वे सुरक्षित स्थान और भोजन की तलाश में अनजाने में मानव बस्तियों और घरों की ओर आ सकते हैं। साफ-सफाई से बचाव: अपने घर, आंगन और आसपास के क्षेत्रों की नियमित साफ-सफाई रखें। झाड़-झंखाड़, कचरा और अनावश्यक सामान (कबाड़) को घर के आस-पास न जमा होने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने के लिए आदर्श स्थान होते हैं। अंधेरे में रहें सावधान: रात्रि के समय बिना टॉर्च के अंधेरे या ‘ब्लाइंड स्पॉट’ (जहाँ ठीक से दिखाई न दे) वाले स्थानों पर जाने से बचें। आपकी सावधानी और समझदारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
सांप इंसान के दुश्मन नहीं होते
सर्पमित्र मयंक ने स्पष्ट किया कि सांपों का उद्देश्य कभी भी मनुष्यों को काटना नहीं होता है। वे केवल आश्रय और भोजन की तलाश में भटककर हमारे आसपास पहुँच जाते हैं। अधिकांश सर्पदंश की घटनाएँ सांप पर गलती से पैर पड़ने, अचानक संपर्क में आने या सांप के भयभीत होने के कारण होती हैं।
अंधविश्वास से बचें, अस्पताल चुनें
समाज में फैले अंधविश्वास पर प्रहार करते हुए मयंक ठाकुर ने बताया कि भारत में पाई जाने वाली अधिकांश साँप प्रजातियाँ विषहीन (Non- venomous) होती हैं। कई बार विषहीन साँप के काटने पर व्यक्ति बिना किसी उपचार के भी जीवित और सुरक्षित रहता है, जिससे लोगों में झाड़-फूंक करने वालों के प्रति गलत विश्वास बढ़ जाता है। उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि सर्पदंश की स्थिति में कभी भी झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें। ऐसी स्थिति में मरीज को शांत रखें और बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर जाएँ ताकि उसे सही वैज्ञानिक चिकित्सा और ‘एंटी-स्नेक वेनम’ (ASV) मिल सके।
अंत में आम जनता को संदेश देते हुए उन्होंने कहा:
साँपों की रक्षा करें, स्वयं सुरक्षित रहें। समझदार बनें, अंधविश्वास नहीं, जागरूकता अपनाएँ।