सक्ती

घटिया निर्माण कार्य करने का लग रहा आरोप, गुणवत्ता पर उठे सवाल, प्रशासन मौन

मुक्तिधाम के पीछे बन रही 83 लाख की पार्किंग विवादों में

सक्ती / चंद्रपुर नगर में महानदी तट स्थित मुक्तिधाम के पीछे 83 लाख रुपए की लागत से बन रही पार्किंग परियोजना शुरू होते ही विवादों के भंवर में फंस गई है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर पंचायत के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ से इसकी शिकायत की है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा शासन के निर्धारित मानकों को दरकिनार कर बाउंड्रीवॉल तकनीकी नियत की जना की और निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री  का उपयोग हो रही है। जानकारी के अनुसार नगर पंचायत चंद्रपुर द्वारा मुक्तिधाम के पीछे पार्किंग निर्माण कराया जा रहा है, जिस पर लगभग 83 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उक्त कार्य का ठेका, निर्माण एजेंसी सक्ति के श्रीजी ग्रुप को दिया गया है। जो मनमाने और नियम विरुद्ध कार्य कर रहा है। निर्माण शुरू होने के साथ ही। गुणवत्ता प्रोजेक्ट की पारदर्शिता और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई तो लाखों रुपए की यह परियोजना भविष्य में शासन के धन की बर्बादी का उदाहरण बन सकती है।

बिना सूचना बोर्ड के शुरू हुआ निर्माण
निर्माण कार्य को लेकर एक और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि कार्यस्थल पर अब तक परियोजना से संबंधित आवश्यक सूचना बोर्ड डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाया गया है। शासकीय निर्माण कार्यों में नियमानुसार सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें परियोजना की कुल लागत, स्वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी का नाम कार्य की अवधि तकनीकी स्वीकृति संबंधित विभाग विभाग एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित रहती है। इससे आम नागरिकों को यह जानकारी मिलती है कि निर्माण कार्य किस योजना के तहत किस एजेंसी द्वारा और कितनी राशि से कराया जा रहा है।

जवाब में ठेकेदार ने स्वीकारी कमियां
इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण कार्य में बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं एवं गुणवत्ता संबंधी सवाल किया गया तो ठेकेदार स्पष्ट उत्तर देने से बचता नजर आया। ठेकेदार ने गोलमोल और टालमटोल भरा जवाब देते हुए कहा कि सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जल्द लगवा दिया जाएगा। वहीं निर्माण कार्य में आवश्यक तराई नहीं होने की बात स्वीकारते हुए मिस्त्री एवं स्टाफ को निर्देश देने की बात कही। इसके अलावा लोहे के रिंग एवं सरिया में निर्धारित मानकों के अनुरूप गैप नहीं होने संबंधी शिकायत पर भी ठेकेदार ने खामियों को सुधारने का आश्वासन दिया।

चार फीट उठी दीवार और शुरू हो गई दरारें
निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल लगभग चार फीट तक खड़ी हो चुकी है.. लेकिन कई स्थानों पर दीवारों में दरारें उभर आई हैं दीवारों की तराई नहीं कराई जा रही है। वही आरोप है कि दीवार से जुड़े डीपीसी बीम में भी निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। जहां लोहे के रिंग या सरियों की दूरी लगभग 6 इंच होनी चाहिए, वहां 12 से 14 इंच की दूरी पर सरिए बांधे गए हैं। इससे निर्माण की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण की यही स्थिति रही तो भविष्य में यह दीवार किसी भी बड़े दबाव या प्राकृतिक आपदा का सामना नहीं कर पाएगी।
जितेंद्र देवांगन, पार्षद चंद्रपुर – निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं। तकनीकी मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग चिंता का विषय है। जांच होनी चाहिए।
पिंटू यादव, पार्षद चंद्रपुर – जिस गुणवत्ता से निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसे देखकर लगता है कि पहली बड़ी बाढ़ में ही यह बह सकता है। यह पूरी तरह शासन के पैसे की बर्बादी है। निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।