सक्ती

अघरिया समाज के रथयात्रा में उमड़ा जन सैलाब

सामाजिक संस्कृति एवं परंपरा को कायम रखना चुनौती

सक्ती-  वर्तमान समय में अपनी संस्कृति एवं परंपरा को कायम रखना हर समाज के लिए बड़ी चुनौती है, यह बात कहते हुए अखिल भारतीय अघरिया समाज के पूर्व महासचिव एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने खमतराई बिलासपुर में आयोजित 70वें रथयात्रा महोत्सव 2026 के अवसर पर  बताया कि आज से 75 साल पूर्व अघरिया समाज चंद्रपुर क्षेत्र से माइग्रेट होकर बिलासपुर अंचल में आकर यहां बस गए, तब से लेकर लगातार अघरिया समाज अपने पारंपरिक एवं महत्वपूर्ण पर्व रथयात्रा को मृदंग, झांझ आदि पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप, नृत्य गीत के अद्भुत लय पर लीन होकर हर्ष और उल्लास के साथ मनाते आ रहा है जो हम सबके लिए गौरव की बात है तथा बिलासपुर अंचल के ढबहीपारा, खैरा जयराम नगर, हरदाडीह आदि अघरिया आवासित ग्रामों में रथयात्रा पर्व अघरिया समाज के साथ अन्य समाज के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
आज जब भारतीय लोक पर्व के साथ लोक गीत संगीत और नृत्य की परंपरा विलुप्त होती जा रही है तब आज रथयात्रा में उमड़ा जन सैलाब बताता है कि आज भी समाज में अपनी संस्कृति एवं परंपरा को लेकर लोग गंभीर हैं जिसकी झलक अघरिया समाज के रथयात्रा के रूप में बखूबी नजर आता है। 
भगवान जगन्नाथ स्वामी की पूजा अर्चना के पश्चात शाम उन्हें बाजे -गाजे और नृत्य के साथ सजाए गए रथ पर आसीन किया गया फिर जय जगन्नाथ जय अघरिया के उद्घोष के साथ रथयात्रा निकाली गई जिसमें उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल, परीक्षित चौधरी, संजय पटेल, धीरज पटेल, सादे लाल पटेल, दिलीप कौशिक, राम प्रसाद पटेल, बाबूलाल पटेल, जनपद उपाध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह, राजेंद्र साहू आदि अतिथियों ने अघरिया समाज के वरिष्ठ बंशीधर पटेल की अगुवाई में शिरकत कर पूजा अर्चना के साथ सर्व समाज के कल्याण की कामना किया। पश्चात भोग प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही उपस्थित भारी जनसमुदाय ने मड़ई मेले में का आनंद लिया।
अघरिया समाज करीब 400 साल पूर्व जब आगरा से माइग्रेट होकर उड़ीसा में गजपति राजा मुकुंद देव के आशीर्वाद से बस गये तब से भगवान जगन्नाथ को आत्मसात करने के साथ रथयात्रा अघरिया समाज की संस्कृति और परंपरा का अक्षुण्ण हिस्सा है जिसे समाज आज भी पूरी शिद्दत से निभाते आ रहा है जो अन्य लोगों को भी अपनी परंपरा को सहेजने के लिए प्रेरित करता है।
आज के आयोजन को सफल बनाने में बिलासपुर नगर निगम में अघरिया समाज की प्रथम  पार्षद कमला  पटेल, अधिवक्ता भागवत पटेल के साथ अघरिया समाज के सभी महिला पुरुष एवं बच्चों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।