सक्ती

करही गोलीकांड के मुख्य आरोपी मास्टर माइंट को पकड़ने में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

ऑपरेशन हंट” के तहत पूर्व में 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा चुका है

आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल मय मैगजीन किया गया बरामद

करही गोलीकांड के मुख्य आरोपी मास्टर माइंट को पकड़ने में पुलिस को मिली बड़ी सफलता kshititech

सक्ती / बिर्रा – घटना का संक्षिप्त विवरण दिनांक 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में 03 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, डॉग स्क्वॉड एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

जांच के दौरान:

200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई साइबर एवं आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही। इस दौरान प्राप्त techint and humint ने मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हत्या के पीछे की वजह

पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा करते हुए बताया था कि: उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था । आरोपियों को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन थी व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी स्वयं को नुकसान में महसूस कर रहे थे इसी द्वेष और प्रतिशोध की भावना से हत्या की साजिश रची गई।

वारदात को ऐसे दिया था अंजाम

घटना की रात आरोपियों ने मृतक के घर के आसपास पहले से मौजूद थे। अन्य सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। आरोपियों ने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। विवेचना दौरान आरोपी 1. हेमंत कुमार बघेल 2. भूषण बघेल 3. अमित टंडन करही सभी निवासी करही थाना बिर्रा को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा चुका है।

मामले में मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल निवासी करही जो फरार चल रहा था जिसको मुखबिर सूचना से पकड़ा जिसको हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि उसने हाईवा एवं जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी तथा दोनों वाहनों की भारी मासिक किस्त चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का कार्य करता था। मृतक आयुष कश्यप भी अवैध रेत परिवहन एवं रेत बिक्री का कार्य करता था, जो कम कीमत में रेत बेचकर आरोपी के ग्राहकों को अपनी ओर कर रहा था। इस कारण आरोपी को आर्थिक नुकसान होने लगा तथा वाहनों की किस्त पटाने में परेशानी आने लगी।

आरोपी ने बताया कि आयुष कश्यप रेत घाट में जबरन रेत लोडिंग करता था, विवाद एवं दादागिरी करता था तथा आरोपी के ग्राहकों के यहां कम कीमत में रेत सप्लाई कर उसकी ग्राहकी खराब कर रहा था। इसके अलावा आयुष द्वारा राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की बात से आरोपी मानसिक रूप से परेशान एवं आक्रोशित हो गया था। आयुष की लगातार बढ़ती आर्थिक उन्नति एवं व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से आरोपी के मन में दुश्मनी एवं आत्मग्लानि उत्पन्न हो गई, जिसके चलते उसने अपने साथी अमित टण्डन, भूषण बघेल एवं हेमंत बघेल को साथ मिलाकर योजना बनाकर मुख्य साजिषकर्ता गनपत बघेल ने सुनियोजित तरीके से आयुष कश्यप की हत्या के घटना को अंजाम दिया। प्रकरण में विवेचना जारी अन्य आरोपियों की पता साजी जारी है आरोपी गणपत बघेल को विधिवत दिनांक 27.05.2026 को गिरफतार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।