झीरम घाटी के अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

सक्ती – झीरम घाटी नक्सली हमले में शहीद हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के वीर सपूतों की स्मृति में ग्राम अचानकपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस जिला सक्ती के जिलाध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, जनप्रतिनिधियों, महिला समूहों एवं सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर झीरम घाटी के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कांग्रेसी ठाकुर गुलजार सिंह, कांग्रेस महामंत्री अमित कुमार राठौर, कार्यक्रम संयोजक एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामप्यारे सिदार, जनपद पंचायत सभापति शकील अहमद खान, वरिष्ठ कांग्रेसी धनीराम सिद्धार्थ, राधा सिंह मरावी, शैलेंद्र सिंह, हीरालाल, श्याम कुमार सिद्धार्थ, लेखराम, पंचराम जायसवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला समूह की अध्यक्ष एवं ग्रामीण महिलाओं ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दीप प्रज्वलित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर झीरम घाटी हमले में शहीद हुए नेताओं, सुरक्षाकर्मियों एवं अन्य वीर जवानों की शहादत को नमन किया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि झीरम घाटी की घटना छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। लोकतंत्र और जनसेवा के लिए समर्पित नेताओं एवं जवानों का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।
आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज ने अपने संबोधन में कहा कि झीरम घाटी में शहीद हुए सभी वीर सपूतों का बलिदान देश और समाज कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि इन जननायकों ने लोकतंत्र, सामाजिक न्याय एवं आदिवासी समाज की आवाज़ को मजबूत करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
उन्होंने आगे ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि आज गांवों में लगातार बिजली कटौती, डीजल एवं पेट्रोल की कमी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण लोगों का जीवन दूभर होता जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से ग्रामीण जनता की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की मांग की।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं ग्रामीणजनों ने एक स्वर में कहा कि झीरम घाटी के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। लोकतंत्र और जनहित की रक्षा के लिए उनके संघर्ष एवं योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावुक एवं ऐतिहासिक बना दिया।
अंत में सभी उपस्थित जनों ने शहीदों को नमन करते हुए कहा —
“आपका दिया बलिदान, झीरम श्रद्धांजलि दिवस के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।”


