LACDS में अब नई नियुक्ति नहीं…जस्टिस सूर्यकांत CJI


सक्ती/ दिल्ली । भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय सूर्यकांत ने घोषणा की है कि सितंबर 2026 के पश्चात Legal Aid Defence Counsel (LADC) की कोई नई नियुक्ति नहीं होगी तथा सभी पक्षों से परामर्श कर नई विधिक सहायता योजना बनाई जाएगी।
विदित हो कि मार्च 2026 में NALSA ने अधिवक्ताओं के अभ्यावेदनों पर न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी जी की अध्यक्षता में LADCS समीक्षा समिति गठित की थी जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद की ओर से समीक्षा समिति के समक्ष विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर LADCS को समाप्त कर पैनल अधिवक्ता प्रणाली की पुनर्स्थापना पर जोर दिया था।
आज माननीय जस्टिस सूर्यकांत की घोषणा के साथ राज्य विधिज्ञ परिषद की ओर से अधिवक्ता समाज के एकजुट संघर्ष की सफलता करार देकर युवा अधिवक्ताओं को अवसर और वादकारियों को गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है तो वहीं वर्तमान समय में नियुक्त LACDS अधिवक्ता संशय के साथ भविष्य के प्रति चिंतित नजर आ रहे हैं।
इस संबंध में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के शक्ति जिला अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने प्रतिक्रिया करते हुए बताया कि कई जिलों में लंबे समय से लीगल एड डिफेंस काउंसिल के रूप में कुछ अधिवक्ता कार्य करते हुए निजी प्रैक्टिस से विरत हैं, वे निश्चित रूप से तात्कालिक रूप से असहज महसूस करेंगे, इन परिस्थितियों में राज्य अधिवक्ता परिषद का प्रयास हो कि विधिक सहायता हेतु प्रतिरक्षा अधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर सर्वसम्मत नीति के साथ नई नियुक्तियां शीघ्र की जाय ताकि छत्तीसगढ़ के सभी अधिवक्ताओं के हित सुरक्षित हों।

