सक्ती

अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्षों का संवाद हुआ दिल्ली में जागेश्वर राज हुए शामिल

अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्षों का संवाद हुआ दिल्ली में जागेश्वर राज हुए शामिल kshititech

सक्ती- आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज आज शाम 6:00 बजे दिल्ली प्रवास से वापस सक्ती पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर आदिवासी समाज में उत्साह के साथ-साथ एक नई उम्मीद भी दिखाई दे रही है। समाज के प्रमुख लोगों का कहना है कि उनके नेतृत्व में आदिवासी हकों की लड़ाई और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगी।
जागेश्वर सिंह राज ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा है कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और अस्तित्व को बचाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे आदिवासी समाज की मूल पहचान पर असर पड़ सकता है। अगर समय रहते जागरूकता नहीं आई, तो आने वाले वर्षों में आदिवासी समाज के लिए जीवन और भी कठिन हो सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “जल, जंगल और जमीन” केवल संसाधन नहीं हैं, बल्कि आदिवासी समाज की आत्मा हैं। इन्हीं से उनकी संस्कृति, जीवनशैली और पहचान जुड़ी हुई है। इसलिए इनकी रक्षा करना हर आदिवासी का कर्तव्य है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
समाज के वरिष्ठों ने भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज आदिवासी समुदाय अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहा है और कई बार दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसे बदलने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
जागेश्वर सिंह राज ने आगे कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखना है, ताकि उन्हें यह बताने की जरूरत न पड़े कि वे आदिवासी हैं। उनकी पहचान, संस्कृति, रीति-रिवाज, खानपान और वेशभूषा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसे हर हाल में बचाना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं और प्राकृतिक जीवनशैली ही उनकी असली शक्ति हैं। इन्हें बचाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना होगा और अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने यह संकल्प दोहराया कि आदिवासी समाज के हक, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उनके सक्ती आगमन के बाद इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे समाज को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।