सक्ती

सफलता की कहानी – डेयरी व्यवसाय अपनाकर किसान ने पाई आर्थिक सफलता

सरकारी योजना और मेहनत से बदली किसान टीकमचंद पटेल की जिंदगी

सक्ती-  राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत हितग्राहियों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता (अनुदान) प्रदान की जाती है, जिससे वे उन्नत नस्ल के पशु खरीदकर नियमित आय का स्रोत बना सकें। सक्ती जिले के विकासखण्ड डभरा निवासी  टीकमचंद पटेल एक साधारण किसान हैं। पहले उनकी मासिक आय 12,000 रुपए थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन था। उन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की और इस अवसर का लाभ उठाते हुए 70,000 रुपए का अनुदान प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदीं और डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में उन्हें प्रतिदिन लगभग 32 लीटर दूध प्राप्त होने लगा, जिससे उनकी मासिक आय बढ़कर 18,000 रुपए हो गई। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत थी। लगातार मेहनत और आधुनिक तकनीकों के उपयोग, जैसे कृत्रिम गर्भाधान (सेक्स सॉर्टेड सीमेन), के कारण उनके पशुओं की संख्या बढ़कर 6 हो गई। आज गायों से प्रतिदिन लगभग 90 लीटर दूध प्राप्त होने लगा हैं और उनकी मासिक आय 50,000 रुपए तक पहुंच गई है। आज  टीकमचंद पटेल न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने गांव और आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। वे अन्य किसानों को भी डेयरी व्यवसाय अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।