बाराद्वार क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमराई

सरहर में महीने भर से जमीन पर रेंग रहे हाई वोल्टेज तार, जिम्मेदार बेपरवाह

सक्ती – जिला सक्ती के अंतर्गत आने वाले बाराद्वार क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। अघोषित बिजली कटौती से आम जनता पहले ही त्रस्त है, वहीं विभाग की लापरवाही के कारण अब बड़े हादसों को खुला निमंत्रण दिया जा रहा है। क्षेत्र में कहीं तार टूटने, कहीं खंभे गिरने तो कहीं केबल के जमीन पर पड़े होने की शिकायतें आम हो चुकी हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला ग्राम पंचायत सरहर के छींदाभाठा से सामने आया है, जहाँ पिछले एक महीने से भी अधिक समय से बिजली का खंभा टूटा हुआ है। नया खंभा न लगाए जाने के कारण हाई वोल्टेज केबल तार सीधे जमीन पर पड़े हुए हैं, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जब इस गंभीर समस्या को लेकर मीडिया प्रतिनिधि ने संबंधित एरिया लाइनमैन मुकेश नेताम से बात की, तो उनका बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लाचारी भरा जवाब सामने आया। लाइनमैन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा:
“मेरे पास कोई स्टाफ या सहयोगी (हेल्पर) नहीं है, तो मैं अकेले क्या काम करूँ? मैंने इस संबंध में जूनियर इंजीनियर (JE) साहब को भी जानकारी दी है, लेकिन वे मुझे कोई हेल्पर उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। जब तक हेल्पर नहीं मिलेगा, मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता। लाइनमैन के इस बयान से साफ जाहिर होता है कि विद्युत विभाग के जमीनी स्तर के कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों के बीच तालमेल का घोर अभाव है। एक तरफ अधिकारी बिजली व्यवस्था दुरुस्त होने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं दूसरी तरफ फील्ड स्टाफ स्टाफ की कमी का रोना रोकर जनता को खतरे में छोड़ रहा है। महीने भर से जमीन पर पड़े तारों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर इस लापरवाही के कारण कोई जनहानि या मवेशी की जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नया खंभा लगाकर तारों को ऊपर किया जाए और क्षेत्र की चरमराई बिजली व्यवस्था को सुधारा जाए।




