नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास दास महंत बड़ा देव महापूजन कार्यक्रम पहुंचे चारपारा- सक्ती में


सक्ती – नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत एवं चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, ग्राम पंचायत चारपारा में आयोजित गोंडवाना समाज द्वारा माघ पूर्णिमा के अवसर पर 4 दिन तक चलने वाले आस्था ज्योति कलश एवं बड़ा देव महापूजन कार्यक्रम के समापन पर बुढादेव की पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियों के लिए सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा वही मुख्य अतिथि एवं सभी अतिथियों का गोंडवाना समाज के द्वारा गजमाला के साथ स्वागत अभिनंदन किया गया नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत एवं विधायक रामकुमार ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहाआदिवासी समाज गोंड जनजाति में ‘बड़ादेव’ (बूढ़ादेव) की पूजा प्रकृति, जल, वायु और अग्नि के संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं बड़ादेव शिव के समान वृक्ष की पूजा की जाती है। इसमें हल्दी, गोबर, ताज के पत्ते, सफेद वस्त्र, और भाला अर्पित किया जाता है।गोंड जनजाति में बड़ादेव को सर्वोच्च देवता (पर्रापेन) माना जाता है, जो कृषि मौसम की शुरुआत से पहले अच्छी बारिश और आपदाओं से रक्षा के लिए पूजे जाते हैं।
बड़ादेव जी की पूजा प्रकृति के साथ प्रेम और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को दर्शाती है। और आज इन जनजाति के लोगों को बांटने का काम हो रहा है जंगल उजड़ रहे हैं हाथी मानव द्वंद हो रहे हैं जंगल उजड़ने से हाथी जंगली जानवर मानव के लिए नुकसानदायक बन गए हैं कई लोगों की जान जा चुकी है छत्तीसगढ़ में जल जंगल जमीन पर आदिवासियों का हक है और भाजपा सरकार ने नारा दिया है एक पेड़ मां के नाम परंतु बड़े-बड़े जंगल को उजाड़ने का काम कर रही है जिससे आज आदिवासी वनांचल क्षेत्र के लोगों को अपनी दिनचर्या चलाने में परेशानी हो रही है उनके जल जंगल जमीन को छीन कर बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हाथों बेच रही है आदिवासी समाज के उन तमाम लोगों को याद किया गया, जिनका इतिहास से लेकर वर्तमान समय तक महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं आदिवासी समाज के द्वारा स्वागत गीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया आदि काल से चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने कहा आदिवासी समाज जल जंगल जमीन प्रकृति के समीप निवास कर विभिन्न कलाओं का विकास करते हैं आदिवासी समाज ने हमारे देश ही नही बल्कि पूरे विश्व मे अलग-अलग जगह निवास करने वाले जनजातीय समूहों द्वारा प्रकृति से उनके गहरे प्रेम के माध्यम से प्रकृति को संरक्षित करने का संदेश दिया जाता रहा है। और आप सभी भी जल जंगल जमीन को बचाने का प्रयास करें और जो सरकार आपके जल जंगल जमीन को लूट रही है उसे मुंहतोड़ जवाब दें इस अवसर पर गोंडवाना समाज की गुरु माता , समाज के पदाधिकारी सदस्य गण जनप्रतिनिधि महिला पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


