सक्ती नगर में दिन हो या रात अचानक बार-बार बिजली गुल होने से जनता परेशान,जनप्रतिनिधियों से आम जनता ने उच्च स्तरीय सुधारात्मक पहल करने की करी मांग

विद्युत विभाग ने 132 केवि हेतु जमीन न मिलने संबंधित बात कही
सक्ती के विधायक, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों से आगे होकर जो भी समस्या है उसको खत्म करने की आम जन करी मांग

सक्ती – सक्ती नगर में अभी पिछले कई दिनों से चाहे रात हो दिन हो किस समय बिजली चली जाती है जनता को समझ में नहीं आ रहा है रात्रि एवं दिन में किसी भी समय चार- चार घंटे बिजली बार-बार चली जाती है दिन भर काम करने के पश्चात जनता आराम करने के लिए सोती है परंतु बिजली नहीं होने की वजह से मच्छरों एवं गर्मी से परेशान होकर सोना मुश्किल हो जाता है छोटे-छोटे बच्चे गर्मी की वजह से रो-रो कर परेशान हो जाते हैं पानी बोर बिजली नहीं होने की वजह से नहीं चल पाता है घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है दिनचर्या के सारे काम रुक जाते हैं सक्ती नगर में 132 के वी का सब स्टेशन पास हो गया था परंतु भाजपा नेताओं के आपसी खींचतान स्थान के वजह से हसौद में स्थापित हो गया जिसे नगर में घर बिजली का संकट खड़ा हो गया है इसका समाधान यदि जल्द ना हो पाया तो जनता आंदोलन के लिए बाध्य हो सकती है।
शहर में लगातार गहराते बिजली संकट ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार हो रही बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में पीने के पानी की समस्या, बच्चों की पढ़ाई में बाधा, व्यापार-व्यवसाय में नुकसान और रात के समय बढ़ती परेशानी ने नागरिकों को चिंतित कर दिया है।
बिजली विभाग के अनुसार, सक्ती शहर को वर्तमान में केवल अड़भार सब स्टेशन से ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है, जिस पर अत्यधिक लोड होने के कारण बार-बार फॉल्ट की स्थिति बन रही है। वैकल्पिक लाइन की व्यवस्था नहीं होने से जैसे ही सप्लाई बाधित होती है, पूरा शहर और आसपास के गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। विभाग द्वारा फॉल्ट सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बढ़ते लोड के कारण समस्या बनी हुई है।
गर्मी के मौसम में घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि उपयोग के लिए बिजली की मांग अचानक बढ़ने से सभी सब स्टेशनों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी व्यवस्था सुधारने में जुटे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
इधर, शहर के नागरिकों ने क्षेत्रीय लोकसभा सांसद और विधायक से इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सक्ती जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के लिए वैकल्पिक बिजली लाइन और नए सब स्टेशन की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से निजात मिल सके।
नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए उच्च स्तर पर पहल करें, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सके और बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।


