15 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

10 नवंबर से किसान जारी करा सकेंगे टोकन, तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की मिलेगी सुविधा
तीन नवीन धान उपार्जन केंद्र सहित इस बार 129 उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी
सक्ती – शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। धान खरीदी प्रारंभ होने के 5 दिन पूर्व अर्थात 10 नवंबर से किसानों को टोकन जारी किए जाएंगे। किसान अपनी सुविधा अनुसार आगामी दो महीने के किसी भी दिन का टोकन प्राप्त कर सकेंगे। जिले की 96 सहकारी समितियों के अंतर्गत कुल 129 धान उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा जिले में 03 नवीन धान उपार्जन केंद्र भी प्रारंभ किए गए हैं तथा सभी 129 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी संबंधी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इस वर्ष शासन द्वारा धान कॉमन का समर्थन मूल्य 2441 रुपए प्रति क्विंटल एवं धान ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य 2461 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रति एकड़ धान खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। किसानों को समिति में टोकन प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों से राहत दिलाने एवं समय की बचत के उद्देश्य से इस वर्ष भी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पंजीकृत किसान गूगल प्ले स्टोर से अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर घर बैठे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को सर्वप्रथम ओटीपी आधारित पंजीयन करना होगा।
शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन की खरीदी सीमा का 70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से तथा 30 प्रतिशत टोकन संबंधित समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन टोकन की निर्धारित 70 प्रतिशत सीमा में से 80 प्रतिशत टोकन लघु एवं सीमांत किसानों तथा 20 प्रतिशत टोकन बड़े किसानों के लिए निर्धारित किए गए हैं। टोकन व्यवस्था के तहत 2 एकड़ तक वाले लघु किसानों को 1 टोकन, 2 एकड़ से अधिक एवं 10 एकड़ तक वाले सीमांत किसानों को 2 टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को 3 टोकन जारी करने का प्रावधान किया गया है। किसान पूर्व की भांति धान की मात्रा स्वयं दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे। धान की खरीदी बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली से की जाएगी। किसानों को टोकन प्राप्त करने अथवा धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि किसान निर्धारित अवधि में सुगमता से अपना धान समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकें।
