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सत्ता खोकर तड़प रही कांग्रेस, फैला रही अराजकता – प्रशांत सिंह ठाकुर

सत्ता खोकर तड़प रही कांग्रेस, फैला रही अराजकता - प्रशांत सिंह ठाकुर kshititech

सक्ती – भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के तहत सक्ती में भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर सिंह गबेल की अध्यक्षता में एक विशाल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि वक्ता प्रशांत सिंह ठाकुर रहे एवं  विशिष्ट अतिथि  रामावतार अग्रवाल,प्रीतम गबेल, प्रदेश मंत्री श्रीमती विद्या सिदार, डॉ खिलावन साहू, आचार्य राजेंद्र शर्मा, भुवन भास्कर यादव, सुश्री अन्नपुर्णा राठौर मंचस्थ रहे।

कार्यक्रम की शुरूआत भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी प्रारंभ हुआ, संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तो वह दोष देने के लिए किसी न किसी संस्था या चुनावी प्रक्रिया को निशाना बनाती है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से लेकर EVM और SIR पर संदेह तक, कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।

SIR कांग्रेस के समय 10 बार हुआ –
ठाकुर ने तथ्यों के साथ बताया कि स्वतंत्र भारत में अब तक 12 बार SIR हुआ है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस नेतृत्व की सरकार के समय हुआ है 2002-03 और 2025 को छोड़ दें तो सारे SIR कांग्रेस ने ही करवाए हैं। आज वही कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है।

SIR प्रक्रिया को लेकर लोगो का भ्रम दूर किया –
उन्होंने कहा कि SIR मतदाता सूची की घर-घर जाकर जांच करने की भारत निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मृत मतदाता, स्थायी रूप से पलायन कर चुके, डुप्लीकेट और अवैध घुसपैठिए मतदाताओं के नाम हटाना है।
आंकड़ों के अनुसार SIR में कुल 13 करोड़ नामों का विवरण इस प्रकार है – 6.3 करोड़ (48.1%) संभावित स्थायी प्रवासी, 3.0 करोड़ (22.9%) सर्वे के दौरान अनुपस्थित, 2.8 करोड़ (21.4%) मृत घोषित और 1.0 करोड़ (7.6%) डुप्लीकेट पंजीकरण। उन्होंने कहा – “आखिर INDI गठबंधन मतदाता सूची में डुप्लीकेट और मृत मतदाता क्यों रखना चाहता है?”

कांग्रेस का दोहरा चरित्र –
प्रशांत सिंह ने कहा कि कांग्रेस खुद 13.58 लाख अवैध मतदाताओं के नाम हटाने को नियमित प्रक्रिया बता चुकी है। कपिल सिब्बल ने स्वयं इसे जायज ठहराया था। आज जब 1 करोड़ से ज्यादा फर्जी नाम हट रहे हैं तो कांग्रेस 13 करोड़ वोट काटने का भ्रम फैला रही है, जबकि ये केवल प्रारंभिक संदिग्ध रिकॉर्ड हैं।

अराजकता फैलाने वालों का पर्दाफाश –
प्रशांत सिंह ने कहा कि विपक्षी दल और उनके समर्थित तत्व चुनाव हारने के बाद संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ते हैं। पुलिसकर्मी, BLO और महिला अधिकारियों पर हमले, AISA की नेत्री द्वारा ‘बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन’ की धमकी और विदेशी फंडिंग से NGO के माध्यम से भारत विरोधी गतिविधियां – ये सब सत्ता परिवर्तन की कोशिश है।

कार्यक्रम में संयोजक विनोद बंसल, नितिन सोनी, मांगेराम अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रंजन सिंहा धनंजय नामदेव, रामनरेश यादव, अभिषेक शर्मा, गेंद राम मनहर, पहलवान दास महंत, दीपक ठाकुर, संतोष राठौर, जिलापंचायत सदस्य श्रीमती उमा राठौर , आयुष शर्मा, सुशीला सिंहा, आशा साव, अनीता गोपाल, सुषमा कसेर, भुनेश्वर यादव, संजय अग्रवाल, अमन डालमिया, नटवर सिदार, सुमित शर्मा, तपेश शर्मा, रमेश अग्रवाल, भुवन सोनी, पुरुषोत्तम खूंटे, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।