बाल विवाह कानून को लेकर वैश्विक मंच पर भारत की बड़ी जीत

संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 27 नवंबर को बाल विवाह मुक्त दिवस मनाने की घोषणा

रायपुर – भारत के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण
आज हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर का दिन International Day for the Elimination of Child Marriage की घोषणा बाल विवाह के खिलाफ भारत की वर्षों की प्रतिबद्धता, संघर्ष और सामूहिक प्रयासों की ऐतिहासिक वैश्विक जीत है। यह दिन वही है जब 27 नवम्बर 2024 को महिला एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार अन्नपुर्णा देवी ने विज्ञान भवन से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की घोषणा की थी।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए Just Rights for Children JustRights और इसके संस्थापक श्री भुवन ऋभु जी को विशेष बधाई और दिल से सलाम। बाल विवाह के खिलाफ उनके वर्षों के अथक संघर्ष, साहस और दूरदर्शी प्रयासों ने इस मुद्दे को वैश्विक मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत सरकार PMO India की संवेदनशील सोच, राजनीतिक इच्छाशक्ति और बच्चों के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता को इस ऐतिहासिक सफलता का महत्वपूर्ण श्रेय जाता है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार CMO Chhattisgarh Department of Women & Child Development, Government of Chhattisgarh के बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के दृढ़ संकल्प और जमीनी प्रयासों को भी हार्दिक बधाई।
विशेष बधाई वर्णिका शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को जिन्होंने राज्य के प्रत्येक गांव-गांव तक बाल चौपाल के माध्यम से इस अलख को नई दिशा और गति दी। आज की यह उपलब्धि हम सभी की है ।
यह बच्चों के बचपन की जीत है, बेटियों के सपनों की जीत है और एक बेहतर भारत के संकल्प की जीत है!
आइए, इस ऐतिहासिक दिन को पूरे उत्साह के साथ मनाएँ और संकल्प लें—
बाल विवाह मुक्त भारत सुरक्षित बचपन सशक्त बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विपिन ठाकुर सदस्य बाल संरक्षण आयोग के प्रयासों को भी नहीं भुलाया जा सकता समस्त भारतवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की हार्दिक बधाई ।
