अब भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा भी BJP-RSS की राजनीतिक लूट का शिकार हो गया – आशीष सिंह ठाकुर

राम मंदिर चंदा चोरी ,आस्था के नाम पर राजनीति, चढ़ावे के नाम पर लूट – रश्मि गबेल, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस कमेटी सक्ती

सक्ती । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशन में जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती द्वारा आज सक्ती के रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर वरिष्ठ कांग्रेसी आशीष सिंह ठाकुर बिलासपुर द्वारा अयोध्या में विराजमान भगवान राम के मंदिर में हो रहे चढ़ावे चोरी के बारे में बताते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। देश के कोने-कोने से गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई, अपने गहने, अपनी बचत और अपनी श्रद्धा लेकर राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आए। भाजपा, आरएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार के संगठनों ने लगभग तीन दशकों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की, देश के गरीब व मध्यम वर्ग से राम के नाम पर चंदा एकत्र किया और इसी आंदोलन के आधार पर सत्ता प्राप्त की। आज वही करोड़ों रामभक्त यह पूछने को मजबूर हैं कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया? यह केवल आर्थिक घोटाला नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।
इस पर जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा कि भाजपा राम द्रोही है, उसने पहले चंदा में हेराफेरी करवाया अब चढ़ावा में चोरी। भाजपा ने राम मंदिर के निर्माण के समय रामशिला पूजन के नाम से जो 14000 करोड़ रु. से अधिक राशि एकत्रित हुआ था। उसका जवाब आरएस एवं भाजपा के लोग नहीं दे पाये। उनके ही सहयोगी नेताओं ने ही राम मंदिर निर्माण के समय एकत्रित किये चंदे का आरोप लगाया था। जिन लोगों ने मंदिर बनाने के नाम पर चंदा में हेराफेरी किया था वही लोग मंदिर बनने के बाद चढ़ावे में हेराफेरी करने लगे, इन सबकी पृष्ठ भूमि आरएसएस और भाजपा की रही है। कहा जा सकता है इन घोटालों को आरएसएस भाजपा का संरक्षण रहा है। भाजपा ने देवद्रव्य चोरी करने के महापाप का संरक्षण किया है। राम मंदिर न्यास ट्रस्ट का गठन गृहमंत्री अमित शाह ने किया था इसलिए वहां पर घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी मोदी और शाह की बनती है।
तीन बड़े सवाल
- जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ, तो इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा?
- अगर सब कुछ ठीक था, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए?
- अगर कुछ गलत नहीं हुआ, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से डर किस बात का है?
देश जानना चाहता है –
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों हैं?
- क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण में अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं?
- जब पूरा ट्रस्ट कटघरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?
- क्या डबल इंजन सरकार दोषियों को बचा रही है?
- क्या केंद्र सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है?
- अगर सब कुछ पारदर्शी था, तो इस्तीफे क्यों हुए?
- गिरफ्तारियां शीर्ष स्तर पर क्यों नहीं हुई?
कांग्रेस पार्टी की मांगें –
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने जवाब दें
प्रधानमंत्री स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी में उनकी सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका रही है और इतने गंभीर आरोपों के बाद वे अब तक मौन क्यों हैं।
2. तत्काल गिरफ्तारी
चंपत राय, अनिल मिश्रा और इस पूरे घोटाले में शामिल सभी प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।
3. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच
पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित लूट के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह सब वर्षों तक चलता रहा।
4. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए
वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों के साथ एक नया, पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए।
5. चढ़ावे और चंदे का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट
राम मंदिर के लिए प्राप्त समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और व्ययों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। वे करोड़ों भारतीयों की आस्था हैं। भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन की कथित लूट और उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की आस्था पर डाका डालने वालों को बचाने की नहीं, बेनकाब करने और कानून के कठघरे में खड़ा करने की आवश्यकता है।
प्रेसवार्ता के प्रभारी आशीष सिंह ठाकुर , जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गभेल , महामंत्रीगण , गिरधर जायसवाल, पिंटू ठाकुर , घनश्याम देवांगन , प्रवक्ता दिगम्बर चौबे , किसान कांग्रेस साधेश्वर गबेल , नगर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश राठौर, ब्लाक अध्यक्ष गण रामप्यारे सिदार, श्याम कुमार केवट, गोपाल भारद्वाज ,मंडल अध्यक्ष लाला सोनी , मोर्चा, संगठन पवन साहू , वरिष्ठ कार्यकर्ता कालू अग्रवाल ,रशीद खान ,रथराम पटेल, पुरुषोत्तम साहू , राकेश महंत, अल्का जायसवाल अधिवक्तागण ,बंशी खांडे , उमाशंकर चन्द्रा , जागेश्वर सिंह राज प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथी गण उपस्थित थे।




