सक्ती

आवास प्लस 2.0, 2024 के अंतर्गत पात्रता-अपात्रता मापदण्डों का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

24 जून की विशेष ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील

सक्ती-  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0, 2024 के सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य को पारदर्शी एवं शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपादित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिले में कुल 1,08,363 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आवास प्लस 2.0, 2024 की नवीनतम एस.ओ.पी. के अनुसार वर्तमान में प्रचलित 12 अपात्रता मापदण्डों के आधार पर पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों का निर्धारण किया जाएगा। इन मापदण्डों में पक्के मकान, दो से अधिक कमरों वाले घर, मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन, कृषि यंत्र, 50 हजार रुपये या उससे अधिक की सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी सेवा, पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम, प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक आय, आयकर अथवा व्यवसायिक कर दाता, 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि तथा 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि रखने वाले परिवार शामिल हैं। प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान प्रक्रिया में नए नाम जोड़े जाना संभव नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन, अफवाह अथवा भ्रामक जानकारी से दूर रहें। जिला प्रशासन द्वारा विशेष ग्राम सभा 24 जून 2026 में आयोजित की जाएगी। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हितग्राही सूची के सत्यापन में सहयोग करने की अपील की गई है। शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले के सभी मैदानी अमलों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिससे सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य पारदर्शी एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
         कलेक्टर  अमृत विकास तोपनो ने कहा कि आवास प्लस 2.0, 2024 की पूरी प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है। जिले में सर्वेक्षित परिवारों का सत्यापन निर्धारित मापदण्डों के आधार पर किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में नए नाम जोड़ने का प्रावधान नहीं है। आमजन से अपील है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या भ्रामक जानकारी से बचें तथा ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी  वासु जैन ने कहा कि जिले के सभी मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पात्रता एवं अपात्रता का निर्धारण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्राप्त सुझावों एवं सत्यापन के आधार पर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।