सक्ती में IPL सट्टा में भाजयुमो नेता समेत 6 गिरफ्तार

जमानत खारिज, TI ने जानकारी छुपाई, बोले- SP सर ने गलती से बोल दिया होगा
सक्ती – सक्ती जिले में ऑनलाइन IPL सट्टा मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री चिराग केशरवानी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर विरोधाभासी बयान देने और जानकारी छिपाने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सक्ती पुलिस ने IPL सट्टा मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने फोटो और प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, लेकिन छठे आरोपी चिराग केशरवानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्यशैली अचानक बदल गई।
आरोप है कि न तो उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की गई और न ही कोई फोटो जारी किया गया। इसे लेकर पुलिस की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
3 मई को गिरफ्तारी, अगले दिन भेजे गए जेल
जानकारी के मुताबिक, शिवरीनारायण निवासी चिराग केशरवानी को 3 मई को गिरफ्तार किया गया था। 4 मई को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। चर्चा यह भी है कि उनकी राजनीतिक पहचान के चलते गिरफ्तारी को मीडिया से दूर रखने की कोशिश की गई।
थाना प्रभारी और SP के बयान में विरोधाभास
मामला तब और गर्मा गया जब थाना प्रभारी लखन लाल पटेल ने मीडिया से बातचीत में पांच आरोपियों के अलावा किसी अन्य गिरफ्तारी से इनकार कर दिया।
जब उन्हें सक्ती SP प्रफुल्ल ठाकुर के उस बयान की जानकारी दी गई, जिसमें छह गिरफ्तारियों की पुष्टि की गई थी, तब थाना प्रभारी ने कहा “SP सर ने गलती से बोल दिया होगा।”
इस बयान के बाद पुलिस विभाग के भीतर समन्वय और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
SP बोले-डिजिटल साक्ष्य मिले, जांच जारी
वहीं, SP प्रफुल्ल ठाकुर ने स्पष्ट कहा था कि IPL मैचों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सट्टा संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। तकनीकी जांच और सर्चिंग के दौरान कई संदिग्धों के नाम सामने आए, जिनमें अब तक 6 लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से लेनदेन और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
मोबाइल चैट और ट्रांजैक्शन बने जांच का आधार
अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार जायसवाल के अनुसार, 29 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सक्ती निवासी भूपेंद्र राठौर मोबाइल के जरिए IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा है।
पुलिस ने कार्रवाई कर भूपेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप चैट और पैसों के लेनदेन से जुड़े कई साक्ष्य मिले। इसी जांच के आधार पर मुकेश अग्रवाल, चंद्रेश राठौर, पिंटू जायसवाल, संजय केंवट और चिराग केशरवानी समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुराना रिकॉर्ड भी बना जमानत खारिज होने की वजह
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि चिराग केशरवानी के खिलाफ पहले भी जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसी आधार पर अभियोजन ने जमानत याचिका खारिज करने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए CJM न्यायालय ने उनकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
जिले में चर्चा का विषय बना मामला
फिलहाल, यह पूरा मामला सिर्फ IPL सट्टे तक सीमित नहीं रह गया है। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस विभाग के अलग-अलग बयानों और मीडिया से जानकारी छिपाने के आरोपों ने जिले में नई बहस छेड़ दी है। अब नजर इस बात पर है कि आगे की जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।


