सक्ती

6 सूत्रीय मांगों को लेकर कीटनाशक दवा दुकानदारों ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार बाराद्वार को सौंपा ज्ञापन

कृषि आदान विक्रेता संघ ने कहा मांगे पूरी न होने पर खरीफ़ सीजन से पूर्व हो जाएगी अनिश्चितकालीन हड़ताल

सक्ती –   सक्ती जिले के बाराद्वार शहर के कृषि आदान व्यापारी संघ कीटनाशक दवा दुकानदारों ने 27 अप्रैल को अपने राष्ट्रीय संगठन के आवाहन पर अपनी दुकानों को बंद रखा। तथा 6 सूत्रीय मांगों को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम तहसीलदार बाराद्वार को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कीटनाशक दवा दुकान संघ ने बताया है कि नई दिल्ली देश के खाद बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं का एक रजिस्टर्ड संगठन है। जो लगभग 5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के सदस्यों द्वारा पिछले 10 सालों से लगातार निम्नलिखित समस्याओं का सामना किया जा रहा है और केंद्र एवं राज्य सरकारों के सम्बंधित अधिकारियों तक बार-बार निवेदन किए जाने के बाद भी इनका निराकरण नहीं होने के कारण 27 अप्रैल 2026 को पूरे देश के कृषि आदान व्यापारी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर हैं। और आपके माध्यम से इन समस्याओं का निराकरण हेतु निवेदन कर रहे हैं। उपरोक्त जानकारी देते हुए कृषि आदान व्यापारी संघ कीटनाशक दवा विक्रेता संघ बाराद्वार के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश जिंदल ने बताया कि तहसीलदार को दिए गए ज्ञापन में खाद पर जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंधः उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग की अपराध घोषित किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की तर्ज पर पूरे देश में अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पाद बेचने की बाध्यता पर रोक लगे। FOR (Free On Road) आपूर्ति सुनिश्चित करनाः खाद की डिलीवरी डीलर के विक्री केंद्र (Point of Sale) तक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में यूरिया जैसे खाद की डिलीवरी रेल हेड पर दी जा रही है. जिससे डीलरों को प्रति बैग 40 से 50 रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। डीतर मार्जिन में वृद्धि बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8% किया जाए।साथी (SATHI) पोर्टल में राहतः ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए इस पोर्टल को वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्माताओं एवं धोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए।विक्रेता को साक्षी का दर्जा: खाद, बीज एवं कीटनाशक के सीलबंद पैकिंग में नमूना फेल होने पर विक्रेता को अपराधी नहीं बल्कि केवल गवाह माना जाए। चूंकि विक्रेता जिला कृषि अधिकारी से प्राप्त लाइसेंस के आधार पर केवल सीलबंद माल बेचता है, अतः गुणवत्ता की पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए।कानूनी संशोधनः नए बीज अधिनियम और कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलर को प्रथम पक्ष (First Party) बनाने के कठोर प्रावधान को शिधित किया जाए. हर साल PC जोड़ने की अनिवार्यता समाप्त हो खाद एवं बीज के लाइसेंस की अवधि 5 वर्ष एवं कीटनाशक के लाइसेंस आजीवन है ऐसी स्थिति में कीटनाशी लाइसेंस में हर साल कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट छोड़ने की अनिवार्यरा को समाप्त किया जावे. दोहरी लायसेंस प्रथा बन्द हो कई राज्यों में अनाज और उद्यानिकी के बीजों के लिए अलग-अलग लाइसेंस की प्रक्रिया है जबकि बीज अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है इस प्रथा को समाप्त किया जावे संघ के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश जिंदल बाराद्वार ने बताया कि प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन मे देश के कृषि आदान व्यापारियों की ओर से कहा गया है कि हमारी उपरोक्त समस्याओं के उचित निराकरण के लिए उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करने का कष्ट करें कि वह आगामी एक माह में इन समस्याओं के उचित निराकरण हेतु ठोस कदम उठावें अन्यथा हमें आगामी खरीफ सीजन के पूर्व मजबूरी में अनिश्चितकालीन बंद करना होंगे जिससे देश के कृषि उत्पादन पर विपरीत प्रभाव होने के साथ-साथ किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों की होगी।आशा है माननीय महोदय हमारी उपरोक्त समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सम्बंधित अधिकारियों को उचित निराकरण हेतु प्रेषित करने का कष्ट करेंगे। कृषि आदान विक्रेता संघ बाराद्वार की ओर से दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से जिंदल सेल्स। प्रकाश खाद भंडार। किसान बीज भंडार एवं आशीष कृषि केंद्र सहित अनेको प्रतिनिधि मौजूद रहे तथा सुबह से ही संघ के सदस्यों ने अपनी दुकान बंद कर इसका विरोध किया