लोकतंत्र की हत्या करने वालों को जाना ही होगा- नाना भाऊ पटोले



सक्ती में जिला कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता, 1 नवंबर को दिल्ली में होगी रैली
सक्ती – जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति द्वारा 27 अक्टूबर को स्थानीय कमला हरी एवेन्यू स्टेशन रोड सक्ती में वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस पत्रकार वार्ता को संबोधित करने के लिए महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक नाना भाऊ पटोले प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
प्रेस वार्ता में ये रहे उपस्थित
इस दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, कांग्रेस के विधायक विनय जायसवाल, चंद्रपुर के विधायक रामकुमार यादव, जैजैपुर के विधायक बालेश्वर साहू, सक्ती जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश परसाई, जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गभेल, पूर्व मंत्री नोबेल कुमार वर्मा, पूर्व अध्यक्ष त्रिलोकचंद जायसवाल दादू, प्रवक्ता एडवोकेट गिरधर जायसवाल, नितेश कुमार वर्मा, शहर अध्यक्ष राकेश राठौर, चंद्र कुमार सोनी, पूर्व कोषाध्यक्ष नरेश गेवाडिन, नारायण कुमार गभेल, संतोष सोनी लाला, पप्पू खान, सम्मेलाल गभेल, महबूब खान सहित कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
पर्यवेक्षक नाना पटोले ने क्या कहा
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पर्यवेक्षक श्री पटोले ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरोधियों को हटाना ही हमारा संकल्प है।उन्होंने कहा कि आज देश में कांग्रेस ने वोट बचाओ देश बचाओ अभियान प्रारंभ किया है। भारतीय जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ खड़ी नजर आ रही है। पूरी दाल ही काली नजर आती है।
श्री पटोले ने कहा कि 1 नवंबर की दिल्ली की रैली व्यापारियों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। अभी प्रथम चरण में कांग्रेस पार्टी दिल्ली में मोदी जी को सचेत करने जाएगी तथा बाद में बड़े जन आंदोलन के रूप में यह कार्यक्रम होगा।
श्री पटोले ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने जो काम किया है, वह आज भाजपा नहीं कर पा रही है और पूरे प्रदेश में लोग परेशान हैं।
वोट चोरी और SIR पर कांग्रेस के आरोप
श्री पटोले ने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा केवल मौजूदा SIR प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। कांग्रेस ने कई चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने, दोहरे पंजीकरण, EVM और VVPAT की कार्यप्रणाली तथा चुनाव आयोग के आचरण पर लगातार सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस ने कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने के लिए बार-बार निर्वाचन क्षेत्र के स्तर के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। इसमें शामिल हैं –
- 7 फरवरी 2025 को महाराष्ट्र में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस – 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच लगभग 39 लाख मतदाताओं के जुड़ने पर सवाल।
- 7 अगस्त 2025 को महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का विश्लेषण – 1,00,250 वोट प्रभावित होने का आरोप।
- सितंबर 2025 में आलंद और नवंबर 2025 में हरियाणा से जुड़े आरोप।
कांग्रेस की मांग है कि मूल आंकड़े उपयोग योग्य डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध कराए जाएं और स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने का अवसर मिले।
इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल का जिक्र
25 सितंबर 2026 को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल का हवाला देते हुए श्री पटोले ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने लगभग दस महीनों के दौरान कम-से-कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त और 2023 के कानून पर सवाल
श्री पटोले ने कहा कि इस विवाद का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी बन गए हैं। कांग्रेस ने 2023 के कानून का भी विरोध किया जिसमें चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया। साथ ही धारा 16 के तहत दिए गए संरक्षण पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस का का अभियान
AICC के परिपत्र के अनुसार –
- 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक लोकतंत्र बचाओ सप्ताह
- 25 अक्टूबर को जिला और राज्य स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांवों में चौपालें
- 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विशाल राष्ट्रीय रैली
- 25-26 नवंबर को दिल्ली चलो कार्यक्रम
29 सितंबर 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR को स्थगित करने और हटाए गए 13.3 करोड़ नामों को बहाल करने की मांग की गई है।
